पिंटू सिंह ने पुलिस प्रशासन एवं यातायात विभाग से उठाए जनहित के सवाल
रायगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता एवं जिला अध्यक्ष पिंटू सिंह ने पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग से शहर में रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वे एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह मुद्दा पूरी तरह जनहित और आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रात लगभग 2 बजे जगधन नगर से जूटमिल, थाना क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न मार्गों से भारी-भरकम डंपर और ट्रेलर गुजरते हैं, जबकि शहर में नो-एंट्री का नियम लागू है। इसके बावजूद इन वाहनों का शहर के भीतर प्रवेश कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
पिंटू सिंह ने कहा कि ढिमरापुर चौक, उड़ना रोड, कोतरा रोड बाईपास एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर रात के समय भी आम नागरिकों, मरीजों को ले जाने वाले वाहनों तथा सड़क पर घूमने वाले पशुओं की आवाजाही बनी रहती है। इसी मार्ग पर अस्पताल भी स्थित हैं। ऐसे में यदि किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है और किसी मरीज, बच्चे या राहगीर की जान चली जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने कहा कि इस विषय को वे पहले भी सोशल मीडिया के माध्यम से उठा चुके हैं तथा इस बार भी उनके पास भारी वाहनों की आवाजाही के प्रमाण उपलब्ध हैं। उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर में भारी वाहनों की आवाजाही से धूल, प्रदूषण और जाम की समस्या बढ़ रही है, जिससे नागरिकों, बच्चों, बुजुर्गों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
प्रशासन से प्रमुख मांगें:
रात के समय शहर के भीतर भारी वाहनों (डंपर एवं ट्रेलर) के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
नो-एंट्री नियम का सख्ती से पालन कराया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाए।
आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कोतरा रोड थाना के समीप प्लांट बसों एवं अन्य भारी वाहनों की सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर रोक लगाई जाए, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
शहर के भीतर दुकानों के सामने फोर-व्हीलर, टू-व्हीलर तथा अन्य सामान रखकर सड़क अवरुद्ध करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए।
अंत में पिंटू सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखने और प्रशासन से जवाब मांगने का अधिकार देता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इस जनहित के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाए, क्योंकि जनता की सुरक्षा ही प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।




