Wednesday, June 24, 2026
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शहर में पहली बारिश में बह गई सफाई व्यवस्था

शहर में पहली बारिश में बह गई सफाई व्यवस्था, सड़कों पर उतरा नालों का गंदा पानी
रायगढ़ नगर निगम के स्वच्छता अभियान पर उठे सवाल, गोपी टॉकीज रोड सहित कई क्षेत्र बने ‘अघोषित तालाब’

अतिक्रमण बन रहा जलभराव की बड़ी वजह, राहगीरों और दुकानदारों की बढ़ी परेशानी

झमाझम बारिश ने नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। बारिश के साथ ही शहर के कई इलाकों में नालियों का पानी सड़कों पर बहता नजर आया, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर पर शहर के व्यस्ततम और प्रमुख मार्गों में शामिल गोपी टॉकीज रोड की स्थिति बेहद की खराब रही, जहां अतिक्रमण और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नाली उफान मारते हुए सड़क पर फैल गई। कुछ देर के लिए सड़क का नजारा किसी अघोषित तालाब जैसा दिखाई देने लगा।

बारिश के बीच सड़क पर जमा गंदे पानी से राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों को काफी दिक्कतें हुईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नाले-नालियों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में व्यवस्था की पोल खुल जाती है। गौरतलब है कि नगर निगम और महापौर द्वारा लगातार स्वच्छता अभियान और नालों की सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं। दावा यह भी किया गया था कि मानसून से पहले शहर के सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी कर ली गई है, ताकि जलभराव की स्थिति न बने। लेकिन मंगलवार की बारिश ने इन दावों की वास्तविकता उजागर कर दी। शहरवासियों ने निगम प्रशासन से मांग की है कि केवल कागजी सफाई अभियान चलाने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि हर बारिश में शहर को जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझना न पड़े।

अतिक्रमण बन रहा जलभराव की बड़ी वजह

गोपी टॉकीज रोड सहित शहर के कई हिस्सों में नालियों पर हुए अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं है। यदि समय रहते अतिक्रमण हटाने और नालियों की गहराई से सफाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। कुछ लोगों ने तो नाली के उपर बने फुटपाथ पर ही अतिक्रमण किए है। यह वजह नाली जाम की सबसे बड़ी समस्या बन रही है।

करोड़ों खर्च, फिर भी पहली बारिश में फेल सिस्टम

हर साल बारिश से पहले नगर निगम द्वारा नाले-नालियों की सफाई पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। सफाई अभियान को लेकर बड़े बड़े दावे भी किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में सड़कों पर गंदा पानी बहना इन दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सफाई सही तरीके से हुई होती तो जलभराव की नौबत नहीं आती।

राहगीरों और दुकानदारों की बढ़ी परेशानी

गोपी टॉकीज रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर जलभराव होने से पैदल राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर गंदा पानी भरने से दुकानों तक ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। व्यापारियों ने कहा कि हर बारिश में यही समस्या दोहराई जाती है, लेकिन समाधान अब तक नहीं निकला।

स्वच्छता रैंकिंग के दावे बनाम जमीनी हकीकत

नगर निगम एक ओर शहर को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर पहली बारिश में ही नालियों का पानी सड़कों पर बहना जमीनी हकीकत को बयां कर रहा है।

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