पूर्व सरपंच ने कलेक्टर से लगाई गुहार,12 लाख की लागत से हुआ था निर्माण
सड़क निर्माण कार्य के 7.20 लाख रुपये भुगतान की रखी मांग
रायगढ़। जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत ग्राम पंचायत रनभाटा की पूर्व सरपंच ममता छत्तर ने कलेक्टर रायगढ़ को आवेदन सौंपकर वर्ष 2024-25 में कराए गए सड़क निर्माण कार्य की शेष देय राशि का भुगतान कराने की मांग की है। पूर्व सरपंच का आरोप है कि निर्माण कार्य पूर्ण होने और मूल्यांकन होने के बावजूद संबंधित ठेकेदार (वेंडर) को अब तक अंतिम किस्त का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे आर्थिक परेशानी की स्थिति बनी हुई है।
गौरतलब हो कि रनभाटा के पूर्व सरपंच द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार, वर्ष 2024-25 में एसटीजीसी (STGC) मद के तहत आदिवासी मोहल्ला में सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति मिली थी। इस कार्य के लिए 12 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद विभाग द्वारा इसका 12 लाख 198 रुपये का मूल्यांकन किया गया। इसमें प्रथम किस्त के रूप में 4 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 7 लाख 20 हजार रुपये की अंतिम राशि अब तक लंबित बताई गई है।पूर्व सरपंच ममता छत्तर ने आवेदन में उल्लेख किया है कि उनके कार्यकाल के दौरान सड़क निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरा कराया गया था। निर्माण कार्य का संपूर्ण विवरण ग्राम पंचायत रनमांगटा के मस्टर रोल एवं पंजी क्रमांक 3780 में दर्ज है। उन्होंने दावा किया है कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अंतिम किस्त की राशि पंचायत के खाते में जमा भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित वेंडर को भुगतान नहीं किया गया।जबकि भुगतान के लिए आवश्यक मूल देयक 10 जून 2026 को ग्राम पंचायत सचिव को प्रस्तुत कर दिए गए थे। इसके बाद भी भुगतान की कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने 6 जुलाई 2026 को कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पुसौर को भी शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सरपंच एवं सचिव से जवाब भी तलब किया गया। पूर्व सरपंच का आरोप है कि जवाब में नव-निर्वाचित सरपंच एवं सचिव ने अन्य वेंडर को भुगतान किए जाने की बात कही, जबकि उनके अनुसार संबंधित निर्माण कार्य का बिल एवं दस्तावेज उनके हस्ताक्षर से प्रस्तुत किए गए थे, जिसके प्रमाण भी आवेदन के साथ संलग्न किए गए हैं।
बकाया राशि भुगतान की मांग
पूर्व सरपंच ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सड़क निर्माण कार्य में सामग्री उपलब्ध कराने वाले संबंधित वेंडर को 7 लाख 20 हजार रुपये की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान कराया जाए, ताकि लंबे समय से लंबित भुगतान का विवाद समाप्त हो सके।




