64 सबमर्सिबल पंप खराब , 77 जगह की पाइप लाइन हुई लीकेज
गर्मी की दस्तक के साथ निगम की पेयजल व्यवस्था लड़खड़ाई
रायगढ़/ शहर में गर्मी की शुरुआत होते ही पेयजल व्यवस्था पर दबाव बढ़ने लगा है। वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए सबमर्सिबल पंप और हैंडपंपों के खराब होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। मार्च माह में अब तक विभिन्न वार्डों से 64 सबमर्सिबल पंप एवं 16 हैंडपंप खराब होने की शिकायत दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।नगर निगम के जल विभाग के अनुसार, गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की मांग में अचानक इजाफा हुआ है। इससे सबमर्सिबल पंपों पर अधिक लोड पड़ रहा है। इसके साथ ही भू-जल स्तर में गिरावट के कारण कई स्थानों पर पाइप लाइन की लंबाई बढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। वहीं स्टार्टर में खराबी और तकनीकी दिक्कतों के चलते भी पंप बार-बार बंद हो रहे हैं।
17 दिनों में 77 पाईप लीकेज की शिकायत
गौरतलब हो कि शहर में वर्षों पुरानी पाइप लाइनों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। मार्च महीने में ही अलग-अलग वार्डों में 77 स्थानों पर पाइप लाइन लीकेज की शिकायतें सामने आई हैं। लगातार उपयोग, जंग लगने और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण पाइप कमजोर हो चुके हैं, जिससे आए दिन लीकेज की समस्या खड़ी हो रही है।निगम के जल विभाग के लिए खराब पंपों की मरम्मत, पाइप लाइन सुधार और नई पाइप लाइन बिछाने का काम एक साथ चुनौती बना हुआ है। विभाग द्वारा मरम्मत कार्य लगातार कराया जा रहा है, लेकिन शिकायतों की संख्या अधिक होने से समस्या का त्वरित समाधान नहीं हो पा रहा है।पानी की अनियमित आपूर्ति से शहर के कई वार्डों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अमृत मिशन के तहत युद्धस्तर पर शहर में पाइप लाइन बिछाने का कार्य तो किया जा रहा है।परन्तु अब तलक किए गए योजना के तहत कार्य का कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आ सका है।अलबत्ता अब भी घरों में पुरानी व्यवस्था के तहत सबमर्सिबल पंपों के भरोसे ही पेयजल आपूर्ति हो रही है।
16 टैंकरों के भरोसे 48 वार्ड
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के 48 वार्डों में पेयजल आपूर्ति मुख्य रूप से 432 सबमर्सिबल पंपों के माध्यम से की जा रही है। यानी औसतन प्रत्येक वार्ड में सीमित संख्या में ही पंपों के सहारे पूरी आबादी की जल जरूरतें पूरी की जा रही हैं।निगम के जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में विभिन्न क्षमता के कुल 5 मोटर पंप समर्सिबल पंपों पर लगाए गए हैं, जिनसे पानी की आपूर्ति की जाती है। वही 48 वार्डो के लिए अकस्मात जल संकट से निपटने के लिए निगम के पास केवल 16 टैंकर उपलब्ध हैं, जिनके जरिए जरूरत पड़ने पर पानी सप्लाई किया जाता है। लेकिन शहर की बढ़ती आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए यह संख्या पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।स्थानीय स्तर पर लगातार खराब हो रहे पंप, गिरता जलस्तर और सीमित टैंकर व्यवस्था आने वाले दिनों में शहर के कई वार्डों में जल संकट को और गहरा सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वर्तमान संसाधनों के भरोसे निगम गर्मी में सुचारू जल आपूर्ति कर पाएगा या फिर नागरिकों को एक बार फिर पानी के लिए जूझना पड़ेगा।




