सुपर वाइजर के भरोसे वार्ड क्रमांक 6 का सड़क निर्माण
दो साल बाद भी नहीं हुआ पूरा, ठेकेदार को निगम का अभयदान
रायगढ़/ नगर निगम प्रशासन एक ओर जहां लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ सख्ती का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ मामलों में ढिलाई उसके ही दावों पर सवाल खड़े कर रही है। बीते 6 महीनों में निगम द्वारा आधा दर्जन से अधिक ठेकेदारों को कार्य में लापरवाही के चलते ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है, लेकिन वार्ड क्रमांक 6 में दो वर्षों से अधूरा पड़ा सड़क निर्माण कार्य अब भी पूरा नहीं हो सका है।
गौरतलब हो कि वार्ड क्रमांक 6 आशीर्वाद पुरम कॉलोनी क्षेत्र में लगभग 36 लाख रुपये की लागत से 500 मीटर और 200 मीटर की दो सड़क निर्माण का कार्य वर्ष 2024 में रायपुर की केशव विमला कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया था। ठेकेदार द्वारा करीब 300 मीटर सड़क का निर्माण तो पूरा कर लिया गया, लेकिन शेष 500 मीटर सड़क दो साल बाद भी अधूरी पड़ी है।अधूरे निर्माण के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में कीचड़ और गड्ढों से स्थिति और खराब हो जाती है, जबकि रोजमर्रा की आवाजाही भी मुश्किल बनी हुई है। मोहल्लेवासी पिछले दो वर्षों से सड़क निर्माण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं दिखी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। वहीं निगम के जिम्मेदार अधिकारी भी इस मामले में उदासीन नजर आ रहे हैं। एक ओर निगम प्रशासन लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई का दावा करता है, वहीं इस मामले में जारी ढिलाई उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
सुपरवाइजर के भरोसे काम
सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह से सुपरवाइजर के भरोसे संचालित होने की बात सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार ठेकेदार स्वयं साइट पर शायद ही कभी उपस्थित होता है और कार्य की जिम्मेदारी सुपरवाइजर को सौंप दी गई है। सुपरवाइजर भी भिलाई से आना जाना कर कभी-कभार ही मौके पर पहुंचता है और औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराकर लौट जाता है।काम किश्तों में और बिना किसी ठोस निगरानी के किए जाने के कारण निर्माण की गति बेहद धीमी है। न तो कार्य की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है और न ही गुणवत्ता की उचित जांच। यही वजह है कि दो वर्षों में भी 500 मीटर सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
निगम की कार्यवाही कब?
वार्ड क्रमांक 6 में वर्षों से अधूरा पड़ा सड़क निर्माण कार्य अब नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर रहा है। जहां एक ओर निगम प्रशासन अन्य मामलों में ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर सख्ती दिखाने का दावा करता है, वहीं इस प्रकरण में अब तक किसी ठोस कार्रवाई का अभाव नजर आता है।




