अमृत मिशन की खुदाई से शहर के प्रमुख मार्ग बदहाल, धूल-गुबार और दुर्घटना का बढ़ा खतरा, काम की रफ्तार पर उठ रहे सवाल
रायगढ़/ शहर में अमृत मिशन के तहत पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई अब आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। कई प्रमुख मार्गों पर पाइपलाइन डालने के बाद भी सड़कों की मरम्मत और टेस्टिंग का कार्य धीमी गति से चल रहा है। नतीजतन जगह-जगह उबड़-खाबड़ सड़कें और मिट्टी के ढेर नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों को रोजाना आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।शहर के गौरी शंकर मंदिर मार्ग, सुभाष चौक और गद्दी चौक मार्ग सहित कई व्यस्त इलाकों में पाइपलाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गई थीं। लेकिन खुदाई के बाद सड़कों की समुचित मरम्मत नहीं होने से मार्ग खस्ताहाल बने हुए हैं। सड़क के किनारे और बीच में पड़ी मिट्टी व गड्ढों के कारण वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ रहा है।
धूल से बढ़ रहा प्रदूषण,दुर्घटना की भी आशंका
गौरतलब हो कि खुदाई के बाद सड़कों पर डाली गई मिट्टी सूखकर धूल का रूप ले रही है। दिनभर वाहनों की आवाजाही से धूल के गुबार उड़ते रहते हैं, जिससे आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। दुकानों में धूल जमने के साथ-साथ लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही है।तो वही दूसरी और
खराब सड़क के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा भी बढ़ गया है। कई स्थानों पर गड्ढे और ऊंच-नीची सतह होने से रात के समय दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद भी यदि समय पर सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
काम की रफ्तार पर उठ रहे सवाल
अमृत मिशन के तहत शहर में पेयजल पाइपलाइन विस्तार का कार्य लंबे समय से जारी है, लेकिन इसके बाद होने वाली टेस्टिंग और सड़कों की अंतिम मरम्मत में लगातार हो रही देरी अब सवाल खड़े करने लगी है। जिन स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, वहां भी सड़कें लंबे समय से खुदी और उबड़-खाबड़ हालत में पड़ी हैं। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।लोगों की माने तो यदि पाइपलाइन बिछाने के बाद समय रहते टेस्टिंग और मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाए तो सड़कों की बदहाली से बचा जा सकता है। लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा प्रतीत होता है कि काम को चरणबद्ध तरीके से जल्द पूरा करने के बजाय लंबित ही छोड़ दिया गया है।




