रायगढ़ शहर का जलस्तर बढ़ाने वाले टिपाखोल डैम को बचाने हुआ धरना….. कलेक्टर करे खनिज अधिकारी और यांगेटी इंटरप्राइजेज पर कार्यवाही विधानसभा में दिए जवाबानुसार…..टिपाखोल डैम की जांच रिपोर्ट को छुपा रहे रमाकांत सोनी खनिज अधिकारी…??महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ से मिलने जायेंगे कार्यवाही के लिए रायगढ़ वासी….
रायगढ़। प्राकृतिक संपदाओं को निरंतर तबाह किया जाना कहीं न कहीं आने वाले भविष्य के कुछ सालों में इंसानी जीवन की उम्र को भी घटाने षड्यंत्र हैं। जिस समय रहते यदि रोकने का प्रयास नहीं हुई तो उन पर विकास के मापदंड दिखा कर लालफीताशाही सील-थप्पा लगाकर उसमें हस्ताक्षर कर अपनी पीठ खुद ठोंककती कर अपने फायदे साधकर प्रकृति को तबाह करती है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण रायगढ़ शहर से लगे टिपाखोल डैम का है।
रायगढ़ बचाओ-लड़ेंगे
रायगढ़ के विनय शुक्ला,वासुदेव शर्मा,शेख कलीमुल्ला,ऋषभ मिश्रा,अभिषेक चौहान,डी डी शुभंकर,नीलकंठ साहू,संतोष यादव ,शिवम कच्छवाहा, आरिफ रजा,सुरेश साहू,मानवेंद्र साहू,दुष्यंत साहू,तिजेश जायसवाल,ईनाम सिद्दीकी, गगन निषाद,राहुल यादव,अक्षत खेडुलकर,अनिल अग्रवाल चीकू
आदि ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर टीपाखोल जलाशय स्थल पर अपना ज्ञापन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार श्री बंजारे को सौंपा जिसमें आग्रह किया कि कालांतर में तत्कालीन जिला कलेक्टर,रायगढ़ को पत्र सुपुर्द करके आग्रह किया था कि रायगढ़ खनिज विभाग के क्वार्टजाईट लीज धारक यांगेटी इंटरप्राइजेज के द्वारा बेतरतीबी उत्खनन में इसी खदान से सटे टिपखोल डैम को भी नुक़सान पहुंचा रहा है जिसका प्रमाण यह कि कार्यपालन अभियंता सिंचाई,रायगढ़ के द्वारा दिनांक 21 अगस्त 2025 को कलेक्टर, रायगढ़ को प्रेषित पत्र में उल्लेखित है कि इस उत्खनन कर्ता ने डैम के डुबान और बंड क्षेत्र तक खुदाई कर पहले ही नुक्सान पहुंचा दिया जिसमें अब त्वरित कार्यवाही हो और लीज रद्द करने के लिए सन 2005 में तत्कालीन कलेक्टर,रायगढ़ फाइल में अपनी टिप में लिखा को भी रायगढ़ खनिज विभाग ने अनदेखी कर यांगेटी इंटरप्राइजेज को लीज दे दी।पूर्व में स्थापना के समय सन 1975 में टिपाखोल डैम से 689 हैक्टर की सिंचाई होती थी जो अब मनमानी क्वार्टजइट खुदाई से 200 हेक्टेयर के करीब में आ गई और इस डैम से रायगढ़ शहर के पास का जल स्तर भी बने रहता था पर इन सभी को लेकर जिला खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी उप संचालक खनिज,रायगढ़ की कलम के अक्षर गंभीर नहीं होकर यांगेटी इंटरप्राइजेज को बचाने के चक्कर में समय पे समय दे रहे हैं जो कि रायगढ़ जिले की जनता के साथ अन्याय है।
रायगढ़ बचाओ-लड़ेंगे रायगढ़ के द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ के प्रजातंत्र के सबसे बड़े स्थान छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2025 के सत्र में रायगढ़ जिले के जागरूक जनप्रतिनिधि ने प्रश्न-उत्तरी में टिपाखोल डैम जैसी प्राकृतिक मनोहारी और कृषि के उत्पादन के लिए काम आने वाली शासकीय संपदा को बचाने के लिए पूछा तो प्रमुख अभियंता सिंचाई रायपुर, पर्यावरण विभाग रायपुर और जिला खनिज विभाग रायगढ़ ने अपने जवाब में बताया कि टीपाखोल डैम को बचाने के लिए ठोस कार्यवाही होगी के आश्वासन दिए थे के अनुरूप रायगढ़ कलेक्टर के अधीनस्थ जिला खनिज विभाग के तहत कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने हस्ताक्षर कर इसके लिए समिति भी बनाई जो कि पत्र क्रमांक 2095/खलि -1/2025 रायगढ़ दिनांक 25/9/25 के अनुसार इस समिति में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रायगढ़,अनुविभागीय अधिकारी वन विभाग रायगढ़, कार्यपालन अभियंता सिंचाई रायगढ़, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण विभाग रायगढ़, और जिला खनिज अधिकारी आदि को रख कर अभिमत देने के लिए निर्देशित किया 6 माह के लगभग हो गए पर इसकी रिपोर्ट को रमाकांत सोनी जिला खनिज अधिकारी,रायगढ़ छुपा के रखें है और सीधे – सीधे लीज धारक यांगेटी इंटरप्राइजेज को पहुंचा रहे हैं जो कि जिले की जनता के साथ धोखा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में दिए गए जवाब का भी उल्लंघन है जिसके कारण मांग की गई है कि रमाकांत सोनी उप संचालक व खनिज अधिकारी रायगढ़ के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही त्वरित और आवश्यक है।
टीपाखोल जलाशय में रायगढ़ बचाओ-लड़ेंगे रायगढ़ के सदस्यों के जत्था का अपना प्रयास टिपाखोल जलाश्य को बचाने निरंतर है और आगामी दिनों में प्रदेश के राज्यपाल महोदय से रायपुर में भेंट करके यांगेटी इंटरप्राइजेज और रमाकांत सोनी उपसंचालक व खनिज अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के लिए आग्रह करेगी।




