ओडिशा राज्य की गाड़ियों का छत्तीसगढ़ में प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध
ट्रेलर यूनियन के सैकड़ो सदस्य हमीरपुर रोड पर धरना प्रदर्शन करते हुए अपने आंदोलन को रखे हैं जारी

रायगढ़ जिला ट्रेलर मालिक कल्याण संघ, जिला रायगढ़ का उड़ीसा राज्य की खदानों में हमेशा लोडिंग और भाड़े को लेकर विवाद चला आ रहा है जहां पर उड़ीसा की कोयला खदानों की 70% से ज्यादा गाड़ियां छत्तीसगढ़ में औद्योगिक फैक्ट्री का कोयला परिवहन करती हैं वहीं छत्तीसगढ़ की गाड़ियां वहां की खदानों से कल परिवहन में लगती है जिनके साथ भेदभाव और दादागिरी की नीति वहां के ट्रांसपोर्टर एवं गाड़ी मालिकों द्वारा किया जाता है इन सब को देखते हुए कल रात्रि हमीरपुर रोड पर रायगढ़ टेलर यूनियन के सभी सदस्य आंदोलन चालू कर रखे हैं जिसमें उन्होंने उड़ीसा खदान से आने वाली गाड़ियों को रोक रखा है उन्होंने प्रशासन को लिखित में सूचना दी है उसमें लिखा है कि संघ के सदस्यों की गाड़ियाँ व्यवसायिक रूप से ओडिशा राज्य के जिला सुंदरगढ़ अंतर्गत कुलडा, गारगनबहाल एवं मनोहरपुर क्षेत्रों में लोडिंग हेतु जाती हैं तथा वहाँ से माल लोड कर छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में अनलोडिंग हेतु आती-जाती हैं।
यह अत्यंत खेद का विषय है कि उपरोक्त ओडिशा क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग 650-700 ओडिशा की गाड़ियाँ बिना किसी अवरोध के छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश कर उद्योगों में अनलोडिंग कर वापस चली जाती हैं, जबकि इसके विपरीत छत्तीसगढ़ राज्य की लगभग 200-250 गाड़ियों को उक्त ओडिशा क्षेत्रों में अनुचित रूप से 5-6 दिनों तक खड़ा कर लोडिंग से वंचित किया जाता है, साथ ही वाहन चालकों एवं वाहन स्वामियों के साथ दुर्व्यवहार, मानसिक उत्पीड़न एवं धमकी दी जाती है, जो विधि विरुद्ध एवं अन्यायपूर्ण है।
यह उल्लेखनीय है कि पूर्व में माननीय जिला कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह स्पष्ट प्रशासनिक निर्णय लिया गया था कि ओडिशा क्षेत्र में कार्यरत कुल गाड़ियों में से कम से कम 40% गाड़ियों को छत्तीसगढ़ राज्य की गाड़ियों को लोडिंग प्रदान की जाएगी, परंतु संबंधित ओडिशा पक्ष द्वारा उक्त वैध निर्णय का आज तक जानबूझकर उल्लंघन किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि ओडिशा पक्ष द्वारा लगभग 200 छत्तीसगढ़ राज्य की गाड़ियों को अवैध रूप से रोककर रखा गया है, जो बंधक बनाए जाने की श्रेणी में आता है तथा प्रथम दृष्टया दंडनीय अपराध है। इसके कारण हमारे संघ के सदस्यों को गंभीर आर्थिक क्षति एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित आशंका उत्पन्न हो रही है।
उपरोक्त परिस्थितियों में संघ को विवश होकर ओडिशा राज्य से आने वाली गाड़ियों के छत्तीसगढ़ में प्रवेश पर अस्थायी एवं शांतिपूर्ण प्रतिबंध करना पड़ रहा है। यह कदम किसी भी प्रकार की अवैध, हिंसक या अव्यवस्थित मंशा से प्रेरित नहीं है, अपितु अपने सदस्यों के वैध व्यवसायिक अधिकारों की रक्षा हेतु एक आत्मरक्षात्मक एवं परिस्थितिजन्य उपाय मात्र है।
संघ द्वारा यह भी आशंका व्यक्त की जाती है कि ओडिशा पक्ष इस विषय को भ्रामक रूप से प्रस्तुत कर झूठे आरोप अथवा असत्य आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का प्रयास कर सकता है। ऐसी स्थिति में यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक, विधि-व्यवस्था अथवा शांति भंग की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी सम्पूर्ण नैतिक एवं कानूनीजिम्मेदारी BGMS ओडिशा यूनियन के पदाधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों की होगी, जिन्होंने पूर्व प्रशासनिक निर्णयों की अवहेलना करते हुए यह स्थिति उत्पन्न की है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए इस पत्र को पूर्व सूचना (Prior Intimation) के रूप में अभिलेखित करने की कृपा करें तथा आवश्यक होने पर निष्पक्ष एवं विधिसम्मत हस्तक्षेप कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।




