Wednesday, March 4, 2026
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रायगढ़ नगर निगम के सभापति के लिए हुई जिला भाजपा कार्यालय में रायशुमारी

भाजपा पर्यवेक्षक दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित ने भाजपा पार्षदों से रायशुमारी कर सभापति के लिए टटोली नब्ज

सुरेश, डिग्री, पंकज, पूनम आशीष ,नारायण, बबुआ, महेश शुक्ला, अशोक का नाम कतारबद्ध

रायगढ़ नगर निगम के पर्यवेक्षक दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर ने एक दिवसीय दौरे पर रायगढ़ आकर सभापति के दावेदारों की नब्ज को टटोले है। इसके अलावा उन्होंने सभी भाजपा के निर्वाचित पार्षदों से सभापति के विषय में रायशुमारी भी किए है।
दरअसल नगर निगम के 48 वार्ड में से 33 सीट पर बीजेपी की लहर चलने के बाद हुई बड़ी जीत के बाद पार्टी में जोश का संचार हो गया है। जिसमे अब सभापति के लिए भी अन्दुरुनी तौर पर पार्टी के विजयी प्रत्यशी सक्रिय हो गए है। हालांकि पार्टी के निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
रायगढ़ नगर निगम में बीजेपी को मिली एक तरफा जीत के बाद सबसे बड़ा अब सभापति के चेहरे को लेकर पार्टी के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। 48 वार्ड में से 33 सीट पर जीत कर आए बीजेपी पार्षदों में से अगर बात करें तो अब चुनाव परिणाम के बाद बदले हुए समीकरण में वार्ड नंबर वार्ड नंबर 16 से अशोक यादव, वार्ड नंबर 18 से पूनम सोलंकी, वार्ड नंबर 19 से सुरेश गोयल, वार्ड नंबर 23 से पंकज कंकरवाल, वार्ड नंबर 27 से आशीष ताम्रकार, वार्ड नंबर 45 से नारायण पटेल सभापति पद के दावेदारों के रूप में उभर कर आए है। चुनाव परिणाम से पहले की स्थिति कुछ दूसरी थी लेकिन अब सियासी हालात बदले-बदले नजर आ रहे हैं। जितने भी बीजेपी के सभापति दावेदार पार्षद जीतकर आए हैं उनमें से लगभग सभी अनुभव, तजुर्बे और वरिष्ठता के आधार पर सभापति पद की कसौटी पर खरे उतरते हैं लेकिन नीतिगत चलने वाली बीजेपी में इस के लिए किसका नाम फाइनल होगा यह आने वाले दिनों तय होगा। वही भाजपा पर्यवेक्षक दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर ने भाजपा पार्षदों से रायशुमारी कर सभपाति के लिए नब्ज भी टटोले है।

वित्त मंत्री ओपी की पसंद भी रहेगा अहम

निगम चुनाव में चली बीजेपी की लहर में जितनी बड़ी जीत मिली है उतना ही बड़ा सियासी उठापटक की संकट बीजेपी के सामने निर्मित हो जाए तो यह कहना गलत नही होगा। दरअसल चुनाव जीतने के बाद लगभग सीनियर बीजेपी पार्षद की नजर सभापति को कुर्सी पर रहेगी। संभावना यह भी है कि सियासी संकट उपज जाए किंतु राजनीति में ओपी बेहद संजीदा होकर रणनीति बना रहे है इससे स्थिरता भी तय है। वही ओपी की पसंद भी सभापति के लिए मायने रखेगा। मानो एक तरह से वित्त मंत्री की सहमति बनते ही नाम तय होगा।

इन नामो में से एक पर लग सकती है मुहर

सुरेश गोयल, पंकज कंकरवाल, डिग्री लाल साह, पूनम सोलंकी, आशीष ताम्रकार, नारायण पटेल अशोक यादव, मुक्ति नाथ, महेश शुक्ला, नरेश पटेल

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