रायगढ़-कोड़ातराई एनएच-153 के 10 किमी में 18 से अधिक जगह सड़क क्षतिग्रस्त, बन रहे जानलेवा
व्यस्त हाइवे पर बदहाल सड़क से बढ़ा हादसों का खतरा, रात में मवेशियों का जमावड़ा भी बना मुसीबत
रायगढ़।रायगढ़-सारंगढ़-सरायपाली राष्ट्रीय राजमार्ग-153 पर कोड़ातराई के आसपास सड़क की बदहाली अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। रायगढ़ से करीब 10 किलोमीटर दूर इस हिस्से में 18 से अधिक जगह सड़क क्षतिग्रस्त बताई जा रही है। कहीं सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है तो कहीं गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाकर या वाहन मोड़कर निकलना पड़ रहा है। व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क की यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
सड़क की हालत सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय बढ़ा रही है। रोशनी कम होने के कारण क्षतिग्रस्त हिस्से और गड्ढे दूर से स्पष्ट नजर नहीं आते। तेज रफ्तार से आने वाले वाहन जब अचानक सामने आए गड्ढों से बचने का प्रयास करते हैं तो दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। भारी वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर छोटे वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक-दो स्थानों पर सड़क खराब होना अलग बात है, लेकिन एक ही हिस्से में 18 से अधिक स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होना सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता के साथ विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े करता है। सड़क की नियमित जांच और समय रहते मरम्मत की व्यवस्था होने के बावजूद यदि गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं तो जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है। बारिश के बाद सड़क की स्थिति और बिगड़ने की आशंका के बीच तत्काल मरम्मत नहीं हुई तो वाहन चालकों की परेशानी बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग लगातार व्यस्त रहता है। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री वाहन, मालवाहक ट्रक और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति को केवल यातायात की असुविधा मानकर छोड़ना उचित नहीं है। लोगों ने क्षतिग्रस्त स्थानों की पहचान कर तत्काल मरम्मत कराने और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
रात में मवेशियों का जमावड़ा बढ़ा रहा खतरा
सड़क की बदहाली के साथ इस मार्ग पर रात के समय मवेशियों का जमावड़ा भी वाहन चालकों के लिए बड़ी समस्या बन रहा है। अंधेरे में सड़क पर बैठे या अचानक वाहन के सामने आ जाने वाले मवेशियों से टक्कर का खतरा बना रहता है। खराब सड़क के कारण वाहन पहले ही नियंत्रित गति से चल रहे होते हैं, ऐसे में अचानक मवेशी सामने आने पर चालक के पास बचने का पर्याप्त समय नहीं रहता।
गड्ढे पहले भी बन चुके हैं जानलेवा
राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर आरआर प्लांट के पास कुछ वर्ष पहले सड़क के गड्ढे से हुई दर्दनाक दुर्घटना में पिता-पुत्री की मौत हो चुकी है। यह घटना सड़क की खराब स्थिति को नजरअंदाज करने के गंभीर परिणाम की ओर इशारा करती है। ऐसे हादसों के बाद भी यदि राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की समय पर मरम्मत नहीं होती है तो विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का कहना है कि हादसा होने का इंतजार करने के बजाय सड़क की खामियों को पहले ही दूर किया जाना चाहिए।




