*चक्रधर समारोह 2026 में नन्हीं कथक कलाकार मानवी अग्रवाल ने दी मनमोहक प्रस्तुति*
*कथक की भाव-भंगिमा और लयकारी ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध*
रायगढ़। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी रायगढ़ में आयोजित प्रतिष्ठित चक्रधर समारोह 2026 में नन्हीं कलाकार मानवी अग्रवाल ने कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अपनी उम्र के अनुरूप शानदार भाव-भंगिमा, लय, ताल और आत्मविश्वास के साथ मानवी की प्रस्तुति ने समारोह में उपस्थित दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। 8 वर्षीय मानवी अग्रवाल रायगढ़ निवासी हैं। उनके पिता श्री गौरव अग्रवाल एवं माता श्रीमती प्रियंका अग्रवाल हैं। मानवी वर्तमान में ओ.पी. जिंदल स्कूल में कक्षा दूसरी की छात्रा हैं। उन्होंने महज 4 वर्ष की उम्र से कथक नृत्य का प्रशिक्षण लेना प्रारंभ किया। वे *आयात कथक डांस अकादमी के गुरु श्रीमती तब्बू परवीन* के मार्गदर्शन में कथक की बारीकियां सीख रही हैं।मानवी को बचपन से ही नृत्य के प्रति विशेष रुचि रही है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट ताल-लय के कारण विभिन्न मंचों पर अपनी पहचान बनाई है। कथक के साथ-साथ वे हुला हूप डांस में भी दक्षता रखती हैं। स्कूल से 12 बजे सुबह पढ़ाई करके आने के बाद प्रतिदिन शाम 3 से 5 बजे कथक का अभ्यास करती है l नन्ही मानवी अग्रवाल को डांस, ड्राइंग व स्टडीज़ करना पसंद है l
*इन प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रतिभा का कर चुकी है प्रदर्शन*
रायगढ़ चक्रधर समारोह 2026 में 22 सितंबर को अपनी मनमोहक कथक प्रस्तुति से दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने वाली नन्ही कथक कलाकार मानवी अग्रवाल इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं। कम उम्र में ही कथक के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली मानवी ने विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में शानदार प्रस्तुतियां दी हैं। मानवी अग्रवाल PRANAVAM, श्री कृष्ण कला सांस्कृतिक महोत्सव, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम, JCI Festival, नटरंग फेस्टिवल ऑफ डांस, World Dance Day, छत्तीसगढ़ राज्योत्सव एवं मधुगुंजन सहित अनेक महत्वपूर्ण आयोजनों में कथक की प्रस्तुति दे चुकी हैं।इन मंचों पर उनकी प्रस्तुतियों को दर्शकों और कला प्रेमियों का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला है।
चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित मंच पर प्रस्तुति देना मानवी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी निरंतर साधना और मंचीय अनुभव यह दर्शाता है कि कम उम्र में ही वह भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक के प्रति गहरी लगन के साथ आगे बढ़ रही हैं। नन्हीं उम्र में शास्त्रीय नृत्य के प्रति उनका समर्पण और मंच पर आत्मविश्वास नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणादायी है। मानवी की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, गुरुजनों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




