जनहित के मुद्दों पर पार्षदों का नगर निगम को अल्टीमेटम,
सफाई, जलभराव और मलेरिया रोकथाम पर तत्काल कार्रवाई की मांग
रायगढ़/ शहर में लगातार बढ़ रही गंदगी, जलभराव और मच्छरों के प्रकोप को लेकर नगर निगम के पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल प्रभाव से व्यापक कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सभापति एवं पार्षद दल के नेता सलीम नियारिया के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगर निगम क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि नगर निगम के सभी वार्डों में विशेष सफाई अभियान संचालित कर नियमित कचरा उठाव सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शहर की छोटी-बड़ी सभी नालियों की युद्धस्तर पर सफाई कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाई जाए, ताकि बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से आम नागरिकों को राहत मिल सके।पार्षदों ने कहा कि शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति लगातार बनी हुई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि पूरे नगर निगम क्षेत्र में मलेरिया रोधी दवाओं का छिड़काव एवं नियमित फॉगिंग अभियान तत्काल शुरू किया जाए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रभावी नियंत्रण अभियान चलाया जाए, जिससे बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि नागरिकों के स्वास्थ्य एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो जनहित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी नगर पालिक निगम प्रशासन की होगी।
यह ज्ञापन 22 जुलाई 2026 को सौंपा गया, जिस पर पूर्व सभापति एवं पार्षद दल के नेता सलीम नियारिया सहित पार्षद लक्ष्मी नारायण साहू (वार्ड 13), विकास ठाकुर (वार्ड 15), अजीत (वार्ड 7) तथा प्रदीप किशनचंद (वार्ड 3) सहित अन्य पार्षदों के हस्ताक्षर हैं।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बरसात के मौसम में सफाई व्यवस्था, जल निकासी, फॉगिंग और मलेरिया नियंत्रण जैसे विषय सीधे आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़े हैं। ऐसे में निगम प्रशासन को औपचारिकता छोड़कर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।




