कानून, शिक्षा और खेल के मैदान से सियासी पिच पर रामचंद्र शर्मा की दस्तक, रायगढ़ विधानसभा में बढ़ी चर्चाएं
राजनीति में आकर जनसेवा करने की इच्छा जताई रोजगार और खिलाड़ियों के हित में आंदोलन से बढ़ी सक्रियता
अब राजनीतिक मंच और अगली भूमिका को लेकर निगाहें
रायगढ़। रायगढ़ विधानसभा की राजनीति में अब एक ऐसे चेहरे की सक्रियता चर्चा का विषय बन रही है, जिसकी पृष्ठभूमि पारंपरिक राजनीति से अलग रही है। कानून, शिक्षा और खेल के क्षेत्र से जुड़े रामचंद्र शर्मा ने अब राजनीति के जरिए जनसेवा करने की इच्छा खुलकर जाहिर की है। उनकी बढ़ती सक्रियता ने रायगढ़ के राजनीतिक गलियारों में संभावनाओं और नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है।
श्री शर्मा का कहना है कि राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा का भी प्रभावी जरिया हो सकती है। इसी सोच के साथ वे राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल ही में रोजगार और खिलाड़ी वर्ग के हितों को लेकर गांधी प्रतिमा के पास उनके द्वारा किया गया एकदिवसीय भूख हड़ताल भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
खास बात यह रही कि आंदोलन में केवल किसी एक संगठन या राजनीतिक समूह के लोग ही नजर नहीं आए, बल्कि आमजन और विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग भी स्वेच्छा से इसमें शामिल हुए। इससे यह संकेत मिला कि रोजगार और खेल जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं और आम लोगों के बीच उनकी पहुंच बनाने की कोशिश जमीन पर भी दिखाई दे रही है।ज्ञात हो कि रामचंद्र शर्मा पुलिस सेवा से भी जुड़े रहे हैं। लंबे समय तक व्यवस्था के भीतर रहकर काम करने के बाद अब उनका राजनीति में आने का रुख उनके लिए अलग तरह की राजनीतिक पहचान तैयार कर सकता है। कानून-व्यवस्था, प्रशासन और आम लोगों की समस्याओं से जुड़े अनुभव को वे अब जनहित के मुद्दों के साथ जोड़ने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।
उनकी पृष्ठभूमि का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष शिक्षा और खेल से जुड़ा होना है। यही वजह है कि रोजगार, युवा और खिलाड़ी वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि आने वाले दिनों में वे इन्हीं मुद्दों को लेकर लगातार जनता के बीच सक्रिय रहते हैं तो यह उनकी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की दिशा में अहम कदम हो सकता है। रायगढ़ विधानसभा में उनकी सक्रियता अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन राजनीतिक नजरिए से देखें तो यह एक ऐसे नए चेहरे की दस्तक है, जो पारंपरिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के बजाय कानून, शिक्षा, खेल और सामाजिक सरोकारों से अपनी जमीन तैयार करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले समय में उनकी सक्रियता किस दिशा में जाती है, यही तय करेगा कि यह चर्चा महज चर्चा रहती है या रायगढ़ की राजनीति में एक नई राजनीतिक भूमिका का रूप लेती है।
हालांकि वर्तमान में चुनाव को अभी लंबा समय है लेकिन आने वाले साल से राजनीतिक समीकरण दोनों ही प्रमुख पार्टी बीजेपी कांग्रेस में बनने लगेंगे। ऐसे में रामचंद्र शर्मा की चुनावी दस्तक राजनीतिक गलियों में सियासी तड़का लगा रहा हैं।
नए चेहरे की तलाश के बीच बढ़ी चर्चा, पार्टी या निर्दलीय
रायगढ़ विधानसभा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय स्थापित चेहरों के बीच किसी नए नाम की बढ़ती सक्रियता स्वाभाविक रूप से चर्चा पैदा करती है। शर्मा ने अभी किसी राजनीतिक दल के साथ औपचारिक रूप से जुड़ने या चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की है, लेकिन राजनीति में आकर सेवा करने की उनकी इच्छा स्पष्ट है। ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठने लगा है कि वे आने वाले समय में किस राजनीतिक मंच के साथ आगे बढ़ेंगे। वहीं यदि स्वतंत्र राजनीतिक राह चुनते हैं तो उन्हें अपने व्यक्तिगत जनाधार के दम पर जनता के बीच जगह बनानी होगी। यहां यह भी बताना जाना लाजमी होगा कि रायगढ़ के सियासी पिच पर भाजपा से वित्त मंत्री ओपी चौधरी मजबूत पकड़ के साथ पार्टी में है । ऐसे में अंतिम फैसला किसी राजनीतिक गणित से ज्यादा जनता जनार्दन के मूड और उनके बीच बनी स्वीकार्यता पर निर्भर करेगा।
सक्रियता बढ़ते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल, आमजनो में भी बनी है चर्चा
रामचंद्र शर्मा वर्तमान में कुछ माह से विभिन्न घटनाक्रम तथा जनहित के मुद्दों को लेकर उनकी लगातार सक्रियता बढ़ी है। रोजगार और खिलाड़ी वर्ग के हितों को लेकर गांधी प्रतिमा के पास किया गया एकदिवसीय भूख हड़ताल इसकी ताजा मिसाल रहा। खास बात यह रही कि कार्यक्रम किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन और विभिन्न वर्गों के लोग स्वेच्छा से इससे जुड़े। यही वजह है कि अब राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। एक नए चेहरे के रूप में नए राजनीतिक कदम मान रहे है। इससे उनकी गतिविधियों को लेकर शहर के राजनीतिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में चर्चा का दायरा बढ़ा है। जिसे स्वयं रामचंद्र शर्मा ने चर्चा में यह तक कह दिया पुलिस की नौकरी छोड़कर सेवा करने के लिए आया हूं और राजनीति में आकर यह कार्य और बेहतर कर सकता हूं।
आंदोलन के जरिए निकलकर आई एक नई छवि, राजनीति में उभरता नेता
राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह आंदोलन उनके लिए महज विरोध दर्ज कराने का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान स्थापित करने का अवसर भी रहा। अब तक कभी पर्दे के पीछे तो कभी खुलकर सक्रिय रहने वाले चेहरे की जगह जनमुद्दों को सीधे उठाने वाले नेता की छवि सामने आई है। युवाओं, खिलाड़ियों और आम लोगों को एक मंच पर जोड़ने की कोशिश ने उनके लिए राजनीति में अलग स्थान बनाने की संभावनाएं पैदा की हैं। ऐसे में आने वाले समय में वे किस राजनीतिक भूमिका में नजर आएंगे, इसे लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल आंदोलन से बनी राजनीतिक पहचान अब रायगढ विधानसभा में भविष्य की राजनीति में भूमिका को लेकर कयास लगाया जा रहा हैं।
शिक्षा से नेतृत्व तक, उपलब्धियों का लंबा सफर
रामचन्द्र शर्मा का व्यक्तित्व केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, एनसीसी, खेल, सामाजिक सरोकार और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान ने उन्हें बहुआयामी पहचान दी। विज्ञान विषय में प्रथम श्रेणी से महाविद्यालयीन शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने इतिहास में स्नातकोत्तर तथा बी.एड. की उपाधि हासिल की। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं में जिला स्तर पर लगातार चार वर्ष प्रथम रहने के साथ प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
एनसीसी में सीनियर अंडर ऑफिसर और बटालियन अंडर ऑफिसर की जिम्मेदारी संभालने के साथ वर्ष 1993 में दिल्ली आरडीसी शिविर में जिले के एकमात्र कैडेट के रूप में शामिल हुए। गणतंत्र दिवस परेड में तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री जॉन मेजर के समक्ष परेड में शामिल होने का अवसर मिला। ‘सी’ और ए प्रमाणपत्र ग्रेड हासिल करने वाले रायगढ़ के पहले सीनियर अंडर ऑफिसर होने की उपलब्धि भी उनके नाम रही। खेल के क्षेत्र में राज्य स्तरीय अंडर-19 सीके नायडू ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा रहे और विश्वविद्यालयीन रोहिंटन बारिया ट्रॉफी में गुरुघासीदास विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। शिक्षा के क्षेत्र में उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को दिशा देना रहा।उनके मार्गदर्शन से करीब 150 अभ्यर्थी विभिन्न सरकारी पदों पर चयनित हुए हैं। सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। 25 युवाओं के साथ रायगढ़ से संबलपुर तक 370 किलोमीटर की सद्भावना साइकिल रैली का नेतृत्व किया। वर्तमान में वे जिला प्रेस एसोसिएशन रायगढ़ और विप्र फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष हैं। जिला क्रिकेट संघ में सचिव तथा वर्तमान में रायगढ़ स्टेडियम समिति के सदस्य हैं। इसके अलावा विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में मार्गदर्शक के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
क्या कहते है रामचंद्र शर्मा
जनकर्म से विशेष चर्चा में उन्होंने शहर के कई ज्वलनशील मुद्दों से लेकर रोजगार खेल शिक्षा के क्षेत्र में बेबाक होकर बात रखें। इसके अलावा उन्होंने कहां की वे पुलिस की वर्दी छोड़कर सेवा में आए है,मीडिया के माध्यम से मैने लोगों सेवा ही किया हैं। आगे भी सेवा करना चाहता हूं चाहे राजनीति हो या अन्य क्षेत्र। फिलहाल मैं किसी राजनीतिक पार्टी में हूं नहीं लेकिन पुलिस की नौकरी और बड़ी पोस्ट को छोड़ा हु बाकी आने वाले समय ही तय करेगा कि किस पार्टी में जाना होगा। ये तय है राजनीति में सेवा करना चाहता हूं रायगढ़ का बेटा हूं। मेरे आंदोलन के बाद लोगों में उत्सुकता बड़ी है मेरी उम्मीद से ज्यादा लोगों का समर्थन रहा है तो अच्छा से लोग मेरे आंदोलन में आए हैं और जुड़े हैं । लोगो का रिस्पांस भी बेहतर मिल रहा है। भविष्य में भी जब कभी अगर रायगढ़ के जरूरत पड़ी तो मैं उपलब्ध रहूंगा।




