सहारा से ठगी के शिकार निवेशकों का एक दिवसीय धरना एवं भूख हड़ताल के प्रदर्शन
जमा राशि नहीं मिलने से निवेशकों में रोष, दोषियों पर कठोर कार्यवाही की मांग
रायगढ़/ सहारा इंडिया में वर्षों पहले जमा की गई धनराशि वापस नहीं मिलने से परेशान निवेशकों ने एक बार फिर स्थानीय गांधी प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय धरना एवं भूख हड़ताल प्रदर्शन कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब हो कि शहर इंडिया में अपनी लाखों करोड़ों रुपए की राशि लगाने वाले ठगी का शिकार हो चुके निवेशकों द्वारा दोषियों पर उचित कार्यवाही के अभाव में आरोप लगाया गया है कि सहारा प्रबंधन द्वारा परिपक्व हो चुकी जमा योजनाओं का भुगतान समय पर नहीं किया गया, जिससे हजारों निवेशकों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि निवेशकों ने अपने जीवनभर की मेहनत की कमाई सहारा की विभिन्न योजनाओं में निवेश की थी। निर्धारित अवधि पूरी होने के बावजूद उनकी जमा राशि वापस नहीं की गई। बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने और अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिलता रहा, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इससे अनेक निवेशकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है और कई लोग गंभीर संकट से गुजर रहे हैं।इसके अलावा सहारा प्रबंधन ने निवेशकों की शिकायतों का गंभीरता से समाधान नहीं किया। भुगतान प्रक्रिया में लगातार टालमटोल की गई तथा निवेशकों को समय पर स्पष्ट जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके कारण लोगों का विश्वास टूट रहा है और उनमें भारी नाराजगी है।
निवेशकों की जमा राशि जल्द हो वापसी
प्रदर्शनकारी निवेशकों ने मांग रखी है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाए उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए तथा सभी पात्र निवेशकों की जमा राशि शीघ्र वापस दिलाई जाए। साथ ही प्रशासन से आग्रह किया गया है कि इस मामले की नियमित निगरानी कर निवेशकों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
दोषियों के गिरफ्तारी की मांग
पूरे मामले में फरार सभी दोषियों की गिरफ्तारी के साथ ही सहारा के सभी मैनेजरों की संपत्ति कुर्क कार्यवाही हेतु कलेक्टर न्यायालय भेजने के साथ ही मैनेजर ओम प्रकाश शर्मा और उसकी धर्मपत्नी रश्मि शर्मा के सीज किए गए बैंक एकाउंट को अंग्रेज करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग रखी गई।उक्त दोनों की कलेक्टर द्वारा कुर्क की गई संपत्ति से मिलने वाले भाड़े को कलेक्टर मद में जमा करने की मांग रखी गई।प्रदर्शन के दौरान निवेशक उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। निवेशकों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि उनके साथ हुए आर्थिक अन्याय का शीघ्र निराकरण किया जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




