रायगढ़ में भगवान भरोसे स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, मुख्य मार्ग से लेकर मोहल्लों तक पसरा अंधेरा,
रायगढ़/ शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। शाम ढलते ही जहां प्रमुख मार्गों और कॉलोनियों को रोशनी से जगमगाना चाहिए, वहीं शहर के कई हिस्सों में अंधेरा पसरा रहता है। मुख्य मार्गों पर भी बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइट बंद होने से आम नागरिकों, वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय यह स्थिति न केवल असुविधा का कारण बन रही है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
निगम सूत्रों के अनुसार लगभग एक वर्ष पहले शहर की स्ट्रीट लाइटों के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी एक निजी ठेका कंपनी को सौंपी गई थी। ठेका अवधि समाप्त होने के बाद अब तक नए ठेके की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप नगर निगम का विद्युत विभाग ही सीमित संसाधनों के साथ व्यवस्था संभाल रहा है।जानकारी के मुताबिक निगम के विद्युत विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती आवश्यक स्पेयर पार्ट्स और सामग्री का अभाव है। स्ट्रीट लाइट खराब होने पर उसे तत्काल ठीक करने या बदलने के लिए पर्याप्त उपकरण और सामग्री उपलब्ध नहीं है। ऐसे में निगम के कर्मचारी चाहकर भी समय पर खराब लाइटों को दुरुस्त नहीं कर पा रहे हैं।बताया जाता है कि पूर्व में जब निजी ठेका कंपनी कार्यरत थी, तब शिकायत मिलने के बाद खराब स्ट्रीट लाइटों को अपेक्षाकृत कम समय में बदल दिया जाता था। लेकिन वर्तमान व्यवस्था में संसाधनों की कमी के कारण कई दिनों और कई स्थानों पर महीनों तक लाइटें बंद पड़ी रहती हैं।
नहीं जल सकी छातामुडा से सहदेवपाली की स्ट्रीट लाईट
निगम प्रशासन द्वारा एम आई सी में प्रस्ताव पास होने के उपरांत करोड़ो रुपए खर्च कर छातामुडा चौक से सहदेवपाली तक स्ट्रीट लाईट लगवाई गई थी। लाईट तो लग गई परन्तु इसके रखरखाव और मेंटेनेंस में की जा रही अनदेखी की वजह से इसका लाभ क्षेत्रवासियों को नहीं मिल सका।नतीजन बंद स्ट्रीट लाइट के रूप के अब भी सामने है।
मुख्य मार्गों के साथ मोहल्लों में भी अंधेरा
शहर के प्रमुख मार्गों के अलावा गली-मोहल्लों और आवासीय क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। रात के समय अंधेरे के कारण महिलाओं, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और देर रात घर लौटने वाले लोगों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी, लूटपाट या अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
नागरिकों में बढ़ रही नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में शहर की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि शिकायतें किए जाने के बावजूद कई स्थानों पर लंबे समय से बंद पड़ी लाइटों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। लोगों का मानना है कि नगर निगम को इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए शीघ्र कदम उठाने चाहिए।
वर्शन/निगम प्रशासन के पास न स्पेयर पार्ट्स मौजूद है।और न ही लाईट बदलने की कोई सुविधा है।शहर के अधिकांश स्ट्रीट लाइट बंद पड़े है।निगम द्वारा करोड़ो रुपये खर्च कर छातामुड़ा चौक से सहदेवपाली तक स्ट्रीट लाईट लगवाई गई।जो अब भी बंद है।
सलीम नियारिया
पार्षद नेता प्रतिपक्ष




