अमृत मिशन की चंद मिनट सप्लाई से नहीं बुझ रही प्यास,
मौजूदा 16 टैंकरों और 40 नए पंप खरीद निगम को गर्मी से निपटने विश्वास
रायगढ़/ भीषण गर्मी के साथ ही शहर पर पेयजल संकट का भी खतरा मंडरा रहा है।इसका प्रमुख कारण अमृत मिशन योजना का अधूरे कार्य के साथ ही पेयजल के लिए लगाए गए बोर पंपों का जलस्तर कम होने के साथ खराब होना है।हालांकि निगम प्रशासन पेयजल संकट से निपटने अपनी पूरी तैयारी की दावे तो जरूर कर रहा है।परन्तु अमृत मिशन में मिल रहा चंद क्षणों का पानी दावे की पोल खोल रहा है।
गौरतलब हो कि बढ़ती गर्मी के साथ ही निगम के पेयजल संसाधनों का खराब होना भी लगातार जारी है।निगम प्रशासन ने जहां अमृत मिशन योजना और 40 पंपों की खरीदी कर 16 टैंकरों के भरोसे गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के दावे किए गए है।हालांकि अमृत मिशन के तहत घरों में मिलने वाले पानी की कहानी कुछ और ही बया करती है।जहां निगम द्वारा एक घर में 1500 सौ लीटर से अधिक पानी देने की बात कही जा रही है।वही महज आधे घंटे से भी कम समय तक मिलने वाले पानी से निगम का दावा आखिर कैसे सच साबित होगा।शहर में 48 वार्ड है जिनमें अमृत मिशन के साथ ही शहर के वार्डो में लगाए गए 4 सौ से अधिक सबमर्सिबल पंपों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।परन्तु बढ़ती गर्मी से जल स्तर घटने पंपों के खराब होने और अमृत मिशन के चंद समय की पानी सप्लाई व्यवस्था किसी भी लिहाज से नाकाफी नजर आ रही है।
16 टैंकरों के साथ 40 न्यू सबमर्सिबल पंप
निगम प्रशासन के पास 48 वार्डो के लिए 16 टैंकर मौजूद है।इसके अलावा 40 न्यू सबमर्सिबल पंप खरीदी को बात कही जा रही है।जिसका उपयोग गर्मी में बोर खराब होने की स्थिति में फौरन राहत देने बदलाव किया है सके।हालांकि अमृत मिशन से लोगों को भरपूर पानी मिलने का दावा कही से भी सही नजर नहीं आ रहा।वही निगम का जल विभाग इस मामले में शिकायत मिलने पर समाधान की बात कह रहा है।अलबत्ता देखना लाजमी होगा कि क्या अमृत मिशन में कुछ क्षण मिल रहे पानी को लेकर जल विभाग के पास कोई समाधान है।या फिर अपनी साख बचाने हवाई दावे किए जा रहे है।
अब तक नहीं खुला प्याऊ
शहर में अगर राहगीरों को गर्मी से निजात दिलाने प्याऊ की बात करे तो पार्षद सुरेश गोयल और उनकी टीम हर साल रामनिवास टॉकीज चौक में लोगों को शीतल पेय पिलाते नजर आती है।परन्तु इस मामले में निगम की संजीदगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गर्मियों के दिनों में राहत देने शहर के विभिन्न स्थानों में निगम द्वारा खोले जाने वाले प्याऊ को लेकर भी अब तलक पहल नहीं की जा सकी है।जबकि गर्मी अपनी चरम पर है।
बच्चों और बुजुर्गों को घर में रहने की सलाह
लगातार बढ़ती गर्मी को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञ तेज धूप में बच्चों और बुजुर्गों को घर में ही रहने की सलाह दे रहे है।बताया जा रहा है कि अभी फिलहाल कुछ दिनों तक पता 40 डिग्री तक रहने वाला है। जिला चिकित्सालय के सिविल दर्ज डॉक्टर दिनेश पटेल ने बताया कि ऐसी स्थिति में हिट स्ट्रोक की समस्या बढ़ सकती है।जिसमें चक्कर आना,उल्टी होना,बुखार होने के साथ तेल पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई देते है।जिस से जान का खतरा भी हो सकता है।इस स्थिति में मरीज को फौरन अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की आवश्यकता है।




