Thursday, April 16, 2026
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शहर में धड़ल्ले से दौड़ रहीं कंपनियों की बसें

शहर में धड़ल्ले से दौड़ रहीं कंपनियों की बसें, यातायात विभाग के आदेशों की उड़ रहीं धज्जियां..?

कार्यवाही के अभाव नियमों की अनदेखी, विभागीय कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान

रायगढ़/ शहर में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा भारी वाहनों और कंपनियों की बसों के शहर के भीतर परिचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद इन निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर कंपनियों की बसें कर्मचारियों का परिवहन करती दिखाई दे रही हैं, जिससे विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गौरतलब हो कि यातायात विभाग ने पूर्व में दुर्घटनाओं की बढ़ती आशंका को देखते हुए शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश और कंपनियों की बसों के संचालन को नियंत्रित करने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन हकीकत में इन नियमों का पालन होते नहीं दिख रहा है। सुबह और शाम के समय शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर कंपनियों की बड़ी बसें कर्मचारियों को लाने-ले जाने का कार्य करती देखी जा सकती हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि आम लोगों के लिए भी खतरा बढ़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा समय-समय पर भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें जरूर सामने आती हैं, लेकिन कंपनियों की बसों के मामले में सख्ती नजर नहीं आती। इससे यह धारणा बन रही है कि कंपनी प्रबंधन के वाहनों को विभागीय स्तर पर किसी तरह का “अभयदान” मिला हुआ है। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस तरह की बड़ी बसों का संचालन कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। स्कूल जाने वाले बच्चे, दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर ऐसे वाहनों की वजह से जोखिम में रहते हैं।
ऐसे में जरूरत है कि यातायात विभाग अपने ही आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे और नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों पर समान रूप से कार्रवाई करे, ताकि शहर में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था कायम रह सके।

यातायात विभाग की लापरवाही पर उठ रहे सवाल

शहर में भारी वाहनों और कंपनियों की बसों के संचालन पर रोक के बावजूद खुलेआम उनका परिचालन जारी है। कई प्रमुख चौक-चौराहों पर ये बसें कर्मचारियों को ले जाते हुए देखी जा सकती हैं। इसके बावजूद यातायात विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी विभाग की है, लेकिन वर्तमान स्थिति लापरवाही को दर्शा रही है।

भीड़भाड़ में बड़ी बसों से दुर्घटना का खतरा

शहर के भीड़भाड़ वाले मार्गों पर बड़ी कंपनियों की बसों का संचालन दुर्घटना का कारण बन सकता है। खासकर स्कूल समय और कार्यालय समय में सड़कों पर पहले से ही यातायात का दबाव रहता है। ऐसे में भारी बसों की आवाजाही से दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और स्कूली बच्चों के लिए खतरा बढ़ जाता है। यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं बरती गई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

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