Monday, April 13, 2026
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धान खरीदी का अंतिम दिन, 5 हजार से अधिक टोकन काटने शेष

धान खरीदी का अंतिम दिन, 5 हजार से अधिक टोकन काटने शेष

शनिवार, रविवार की बंदी से हजारों किसानों को धान बिक्री का संकट

रायगढ़/ जिले में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। धान खरीदी समाप्त होने में केवल एक दिन शेष रह गया है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अब भी अपना धान बेचने से वंचित रह गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 83,641 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक केवल 71,203 किसान ही समर्थन मूल्य पर धान बेचने में सफल हो सके हैं। शेष हजारों किसानों की चिंता खरीदी के अंतिम दिन और अधिक बढ़ गई है।मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार के लिए 7,317 किसानों के टोकन काटे गए हैं, लेकिन जमीनी हालात यह दर्शाते हैं कि खामियों के चलते 5 हजार से अधिक किसान आज भी धान बेचने से वंचित रह जाएंगे। ऐसे में धान खरीदी के अंतिम दिन भी सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जा सकेगा या नहीं, इस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

धान बेचने लगातार करनी पड़ी मशक्कत

गौरतलब हो कि धान खरीदी सीजन की शुरुआत से ही किसानों को लगातार टोकन कटने में देरी, रकबा त्रुटि, सर्वर की समस्या, खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था, और समय पर तौल नहीं होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। कई बार किसान टोकन मिलने के बावजूद केंद्र पहुंचने पर धान नहीं बेच पाए, जिससे उन्हें बार-बार खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़े। इससे किसानों को न केवल समय और श्रम की बर्बादी हुई, बल्कि आर्थिक और मानसिक तनाव भी झेलने पड़ा।स्थिति यह रही कि अपनी मांगों को लेकर किसानों को कई स्थानों पर चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन का भी सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। अब जबकि खरीदी का अंतिम दिन नजदीक है, हजारों किसान इस आशंका में हैं कि उनका धान बिना बिके ही रह जाएगा।किसानो की माने तो शासन और प्रशासन द्वारा समय रहते खरीदी की अवधि बढ़ाने अथवा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

अंतिम दिवस होगा निर्णायक

बीते वर्ष धान खरीदी की बात करे तो 5 लाख 8 हजार 797मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी।जो पिछले वर्ष के अपने खरीदी लक्ष्य 5 लाख 95 हजार 243 मीट्रिक टन की तुलना में 85 प्रतिशत पूर्ति रही।वही इस वर्ष धान खरीदी का लक्ष्य 5 लाख 56 हजार 411 मीट्रिक टन रखा गया है।जिसके एवज में अब तलक 4 लाख 64 हजार 751 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो सकी है।जो अपने लक्ष्य का लगभग 84 प्रतिशत है।हालांकि अब भी हजारों की संख्या में किसानों के टोकन काटे जाना अब भी शेष है। कल काटे जा चुके टोकन पर जहां आज खरीदी की जानी है।हालांकि खरीदी तिथि 31 जनवरी तक निर्धारित की गई है।परन्तु शनिवार और रविवार को खरीदी बंद होने से इसका सीधा असर छुटे हुए किसानों की धान बिक्री पर पड़ेगा जिसका अब तलक टोकन भी जाता नहीं जा सका है।बहरहाल धान खरीदी के अंतिम दिन प्रशासन की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। अब देखना होगा कि शेष किसानों को राहत मिलती है या फिर उन्हें धन बिक्री के समर्थन मूल्य पाने से वंचित रहना पड़ेगा।

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