खाद्य सुरक्षा विभाग जप्त दही-पनीर की सैंपलिंग जांच में जुटा, रायगढ़ में लेबल बदलकर डेयरी उत्पाद परिवहन का मामला
रायगढ़/ बीते दिनों शहर के एसईसीएल मार्ग में दही और पनीर से भरे एक पिकअप वाहन में लेबलिंग बदलकर नकली डेयरी उत्पाद खपाने का मामला सामने आया, जिसने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इस संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मोहल्लेवासियों द्वारा मीडिया को दी गई थी। मामला सुर्खियों में आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में तो आया, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली अब खुद सवालों के घेरे में है।बताया जा रहा है कि परिवहनकर्ताओं द्वारा नन्दम के लेबल की बदली कर वैद्य फूड का लेबल लगाया जा रहा था।बहरहाल खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सामग्री के सेंपल जांच की बात तो कही जा रही है।परन्तु किसी खाद्य सामग्री का लेबल बदलना कितना उचित होगा।
वाहन जब्त, लेकिन जांच पर गोपनीयता
गौरतलब हो कि सूचना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने आनन-फानन में संबंधित पिकअप वाहन को चक्रधरनगर थाना के सुपुर्द किया और उसमें रखे दही व पनीर को जांच के लिए ले जाने की बात कही। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो पकड़ी गई सामग्री कस्तूरी डेयरी के हवाले कर दिया गया जहां इसे ले जाया जाना था। ऐसे में निष्पक्ष जांच को लेकर संदेह और गहराता जा रहा है।
अब इस पूरे मामले में सैंपलिंग टेस्ट को लेकर बंद कमरे में खानापूर्ति की बात सामने आ रही है जिससे पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।सबसे हैरान करने वाली स्थिति तब सामने आई, जब जिला चिकित्सा अधिकारी से लेबलिंग बदलने के दौरान पकड़े गए दही और पनीर की कुल मात्रा के बारे में जानकारी मांगी गई। इस पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। जबकि किसी भी विधिवत कार्रवाई में जप्त सामग्री की मात्रा, सीलिंग और पंचनामा अनिवार्य होता है।
नकली दही-पनीर से सेहत को गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, नकली दही और पनीर में अक्सर सिंथेटिक दूध, स्टार्च, यूरिया, डिटर्जेंट और केमिकल कलर का उपयोग किया जाता है। ऐसे उत्पादों के सेवन से:
पेट दर्द, उल्टी, दस्त,फूड प्वाइजनिंग का खतरा बने रहने के साथ ही लिवर और किडनी पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत गलत लेबलिंग, नकली या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचना दंडनीय अपराध है।जिसमेंदोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और जेल तक का प्रावधान है।जांच प्रक्रिया में सैंपल को सीलबंद कर स्वतंत्र प्रयोगशाला भेजना अनिवार्य है।हालांकि जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा विधिवत कार्रवाई किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन पूरे मामले में जांच को लेकर बरती जा रही गोपनीयता समझ से परे है।
वर्शन/खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा पकड़े गए दही और पनीर के सैंपलिंग की जांच की जा रही है।जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।प्रोडक्ट का लेबल बदलने को लेकर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही होगी।
अनिल जगत
सी एम एच ओ




