सत्तीगुड़ी चौक की नवोदित दुर्गा उत्सव समिति में 1989 से चली आ रही परंपरा, इस बार फूलों से सजेगा पंडाल
कलकत्ता के कलाकार तैयार कर रहे आकर्षक सजावट, 11 फीट ऊंची माता की प्रतिमा और टोकरी से किया गया डेकोरेशन होगा खास
रायगढ़/ शहर के सत्तीगुड़ी चौक स्थित नवोदित दुर्गा उत्सव समिति द्वारा नवरात्रि के अवसर पर दुर्गा पूजा का आयोजन वर्ष 1989 से लगातार किया जा रहा है। बीते साढ़े तीन दशकों से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा समिति की धार्मिक आस्था, सामूहिक सहभागिता और आयोजन को हर वर्ष नया स्वरूप देने की कोशिश का प्रतीक बन गई है। समय के साथ समिति ने पंडाल की सजावट और कलात्मक प्रस्तुति में नए प्रयोग किए हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे हैं। इस वर्ष भी समिति के सदस्य आयोजन को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने में जुटे हुए हैं।
नवोदित दुर्गा उत्सव समिति की खासियत रही है कि वह प्रत्येक वर्ष पंडाल की साज-सज्जा में कुछ नया प्रयोग कर श्रद्धालुओं को आकर्षित करने का प्रयास करती है। बीते वर्षों में समिति द्वारा तैयार किए गए पंडालों में अलग-अलग थीम देखने को मिली हैं। पूर्व में पंडाल को बादलों और आकाश की थीम पर सजाया गया था, जिसमें आकाशीय वातावरण की झलक प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया था। वहीं, एक वर्ष तैयार की गई डरावनी गुफा भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही थी। गुफा की अनूठी परिकल्पना और अलग तरह की सजावट ने आयोजन को एक विशिष्ट पहचान दी थी। इन प्रयोगों से स्पष्ट है कि समिति धार्मिक परंपरा को बनाए रखने के साथ ही पंडाल की साज-सज्जा और कलात्मक प्रस्तुति को भी विशेष महत्व देती है। हर वर्ष कुछ नया करने की इसी कोशिश के चलते आयोजन के स्वरूप को लेकर श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता बनी रहती है। समिति के सदस्य नवरात्रि के इस पर्व को अधिक आकर्षक बनाने के लिए सजावट की थीम से लेकर छोटी-छोटी कलात्मक बारीकियों तक पर ध्यान देते हैं, ताकि पंडाल में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण के साथ एक अलग दृश्य अनुभव भी मिल सके।इस वर्ष भी समिति द्वारा पंडाल को विशेष रूप से सजाने की तैयारी की जा रही है। कलकत्ता के कलाकारों के सहयोग से फूलों की आकर्षक सजावट की जा रही है, वहीं विद्युत रोशनी के माध्यम से पंडाल की सुंदरता को और निखारने की योजना है। इस बार सजावट में टोकरियों का इस्तेमाल कर विशेष डेकोरेशन तैयार किया जा रहा है, जो पंडाल को अलग रूप देगा। फूलों की साज-सज्जा, रोशनी का संयोजन और टोकरियों से तैयार की जा रही कलात्मक सजावट को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में इस वर्ष का पंडाल अपनी अलग बनावट और सजावटी शैली के कारण श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
माता के सौम्य स्वरूप के होंगे दर्शन, 11 फीट ऊंची प्रतिमा रहेगी खास आकर्षण
इस वर्ष दुर्गोत्सव में माता दुर्गा की 11 फीट ऊंची प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। नवोदित दुर्गा उत्सव समिति द्वारा माता के सौम्य स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। माता के इस स्वरूप में श्रद्धा, शांति और वात्सल्य की अनुभूति को विशेष महत्व दिया जाता है। नवरात्रि के दौरान भक्तजन माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना और आराधना में सहभागी बनेंगे। 11 फीट ऊंची प्रतिमा की भव्यता के साथ पंडाल में की जा रही फूलों की सजावट और आकर्षक विद्युत रोशनी श्रद्धालुओं के लिए विशेष दृश्य प्रस्तुत करेगी।
फूलों की सजावट और आकर्षक लाइटिंग से सजेगा पंडाल
इस वर्ष पंडाल की सजावट को विशेष रूप देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कलकत्ता के कलाकार अपनी कलात्मकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। पंडाल को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। इसके साथ ही मनमोहक विद्युत सज्जा भी की जाएगी, जिससे पंडाल की सुंदरता और निखरने की उम्मीद है। सजावट में फूलों के साथ टोकरियों का इस्तेमाल कर विशेष डेकोरेशन तैयार किया जा रहा है। पारंपरिक सामग्री और कलात्मक सज्जा का यह संयोजन इस वर्ष के आयोजन को अलग पहचान देने वाला प्रमुख आकर्षण होगा।समिति के सदस्य पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि नवरात्रि के दौरान यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षक साज-सज्जा के साथ माता के दर्शन का अवसर मिल सके।
सामूहिक सहभागिता से सफल आयोजन की तैयारी
नवोदित दुर्गा उत्सव समिति के सदस्य आयोजन को सफल बनाने के लिए मिलकर जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। समिति से जुड़े सदस्यों की सहभागिता से ही हर वर्ष दुर्गा पूजा की परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। आयोजन की तैयारियों में विकास तिथिवार, जय साहू, राजेश चौधरी, राजा देवता, दीपक निषाद, सुधीर शर्मा और अंशु यादव, भोलू येादव , दीपेश पांडे, विजेंद्र यादव,विजय यादव,बॉक्सर, बाबा निषाद,सूरज,बिट्टू,शुभम,नानू यादव,
सहित समिति के अन्य सदस्य सहभागिता निभा रहे हैं।




