झलमला सब स्टेशन के 16 गांवों में बिजली संकट, नेतानगर और बिंजकोट में अब तक नहीं लगे ट्रांसफार्मर
रायगढ़। झलमला विद्युत सब स्टेशन से जुड़े 16 गांवों में बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के अड़ियल रवैये और बिजली आपूर्ति में परेशानी के कारण उन्हें नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में 15 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड , रायगढ़ के मुख्य अभियंता के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में कहा है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति का असर उनके दैनिक जीवन के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। वर्तमान में फसलों की सुरक्षा के लिए बिजली की आवश्यकता और बढ़ गई है। ऐसे समय में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से किसानों की चिंताएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कृषि कार्यों और फसलों की सुरक्षा के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति जरूरी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में नेतानगर और बिंजकोट गांवों में ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि इस संबंध में आवेदन देने के बावजूद आज पर्यंत तक दोनों गांवों में ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए हैं। इससे संबंधित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों की परेशानी बनी हुई है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।वर्तमान कृषि सीजन में फसलों की सुरक्षा किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली की उपलब्धता कृषि संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में बिजली आपूर्ति में व्यवधान होने से किसानों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने विभाग से आग्रह किया है कि कृषि संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
16 गांवों के ग्रामीणों ने उठाई बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग
झलमला सब स्टेशन से जुड़े जिन गांवों की समस्या आवेदन में उठाई गई है, उनमें झलमला, मिडमिडा, मालदा, डुमरमुड़ा, दर्रमुड़ा, गुदगहन, केशला, नवापाली, बोर्डीही, बिंजकोट, धनवा डेरा, एकतल, बड़मल, रेंगलपाली, नेतानगर और भाठेनपाली शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति में परेशानी के कारण घरेलू कार्यों, बच्चों की पढ़ाई, कृषि गतिविधियों और अन्य जरूरी कामों पर असर पड़ता है। उनका आरोप है कि बार-बार समस्या सामने आने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। इसी वजह से उन्होंने उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखकर समाधान की मांग की है।




