दक्षिण चक्रधर नगर में पूरी धाम,गंज की महारानी मयूर महल में, सावड़िया परिसर में पोस्ट बाक्स थीम पर बन रहा है माता का दरबार
दुर्गोत्सव पर रायगढ़ में दिखेगी पंडालों की अनूठी सजावट, आकर्षक साज-सज्जा के साथ भक्तों को लुभाएंगे
रायगढ़। शहर में दुर्गा पूजा की तैयारी को लेकर समितियों द्वारा एक से बढक़र एक पंडाल तैयार किया जा रहा हैं। जिसमें कहीं ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर तो कहीं बंगाल का मयूर भवन तो कहीं पोस्ट बाक्स जैसे पंडालों को आकार दिया जा रहा जो लोगों का आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं इन आकार्षण पंडालों को तैयार करने के लिए बंगाल से बड़ी संख्या में कारीगर पहुंचे है जो दिन-रात मेहनत कर पंडालों को अंतिम रूप देने का काम कर रहे हैं।
रायगढ़ शहर में आगामी दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। सप्तमी के अवसर पर समितियां द्वारा विभिन्न पंडालून में मां जगत जननी मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विराजमान कर विधी विधान से पूजा अर्चना करते हैं।
विभिन्न पूजा समितियां इस वर्ष एक से बढक़र एक अनूठे पंडालों का निर्माण करवा रही हैं, जो भक्तों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इन पंडालों को अलग-अलग और आकर्षक थीम पर आकार दिया जा रहा है।
विभिन्न पंडालों को बनाने के लिए कोलकाता के कुशल कारीगर दिन-रात एक कर अपनी बारीक कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मेहनत और लगन से इन पंडालों को जीवंत रूप मिल रहा है, जो शहर के दुर्गा पूजा उत्सव में चार चांद लगाएगा। प्रत्येक पंडाल अपनी विशिष्टता के कारण श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। शहरवासियों में इन अपूर्व पंडालों को देखने और मां के दर्शन करने को लेकर खासा उत्साह है। पूजा समितियों ने इस बार दर्शकों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने का निर्णय किया है। उनका प्रयास है कि इस बार की दुर्गा पूजा पिछले वर्षों से भी अधिक भव्य और यादगार बने। इसके लिए सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सभी भक्तगण शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें और उत्सव का आनंद ले सकें। यह उत्सव शहर की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करेगा।
दक्षिण चक्रधर नगर में ओडिशा के प्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी धाम मंदिर
दक्षिण चक्रधर नगर अंबेडकर चौक में विगत 1981 से हर साल अलग-अलग थीम पर पंडाल तैयार किया जाता है जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। इस वर्ष समिति की ओर सदस्य आशीष ताम्रकार ने बताया कि इस बार ओडिशा के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के तर्ज पर 101 फीट ऊंचा पंडाल बनाया जा रहा है। मुख्य द्वार पर भगवान जगन्नाथ का प्रतिबंब रहेगा, जो हर दिन भगवान की आरती और शाम को गंगा आरती की जाएगी, इसके साथ ही हर दिन जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर इस पंडाल के ऊपर लगे ध्वज को भी बदला जाएगा, इस पंडाल को तैयार करने के लिए विगत दो माह से कोलकाता के दर्जनभर से अधिक कारीगर काम कर रहे हैं जो करीब 20 लाख रुपए की लागत से इस पंडाल को भव्यता देने में जुटे हैं।
युवक संघ 39 वें वर्ष में मां तक अर्जी दाखिल करने बना रहे है पोस्ट बाक्स
शहर में एक से बढ़कर एक पंडाल बनाए जा रहे हैं जिसमें युवक संघ का भी पंडाल रोचक नजर आ रहा है समिति के पदाधिकारी सुरेश गोयल ने बताया कि युवक संघ में कुछ अनोखा करने के अंदाज से नई थीम पर फोकस करते हुए 39 वें वर्ष में पोस्ट बाक्स में बना रही हैं। यह पोस्ट बाक्स जिस तरह चिट्ठी बॉक्स होती है उसी तर्ज पर बनाया जा रहा है इसका उद्देश्य माता तक अर्जी दाखिल करने के लिए चिट्ठी भेज सकते हैं यह पंडाल उसी संदेश देगा।
मयूर महल में विराजेगी गंज की महारानी, सक्ती से मंगाया गई प्रतिमा
शहर की एक और सबसे चर्चित समिति गांधीगंज की नजर आती है यहां भी समिति के द्वारा हर बार अपने थीम में बड़े स्तर पर बदलाव किया जाता है। गांधीगंज में माता के पंडाल को गंज की महारानी के रूप में जाना पहचाना जाता है। समिति के सदस्य गोपाल बापोडिया ने बताया कि गंज की महारानी में 66वें वर्ष में इस बार पंडाल का थीम थोड़ा अनोखा रखते हुए मयूर महल बनाया जा रहा है यह पांडाल विशाल परिसर में बन रहा है। जबकि गंज के महारानी के प्रतिमा इस बार पड़ोसी जिले सक्ती से मंगाई गई है।




