HomeBlogवार्डों में दवा पहुंची, लेकिन छिड़काव अब भी सवालों के घेरे में

वार्डों में दवा पहुंची, लेकिन छिड़काव अब भी सवालों के घेरे में

वार्डों में दवा पहुंची, लेकिन छिड़काव अब भी सवालों के घेरे में

100 बोरी मैलाथियान पावडर और 100 लीटर लिक्विड का 15 दिन पहले हुआ वितरण, अब दूसरी खेप में 750 लीटर डेल्टा मैलाथियान भी तैयार

रायगढ़/ शहर के वार्डों में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दवा छिड़काव को लेकर नगर निगम प्रशासन की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगम द्वारा करीब दो लाख रुपए की लागत से 100 बोरी मैलाथियान पावडर और 100 लीटर लिक्विड मंगाया गया था। करीब 15 दिन पहले संबंधित वार्डों में इसका वितरण भी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में नियमित दवा छिड़काव नहीं होने की शिकायतें स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच रही हैं।

बताया जा रहा है कि वार्डों में दवा उपलब्ध कराने के बावजूद उसके वास्तविक उपयोग और छिड़काव की निगरानी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर लगातार यह शिकायत सामने आ रही है कि दवा वितरण तो किया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों पर मच्छरों के नियंत्रण के लिए निर्धारित तरीके से छिड़काव नहीं हो रहा है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि दवा वार्डों तक पहुंचने के बाद भी उसका समय पर छिड़काव नहीं किया जाए तो फिर लाखों रुपए खर्च कर दवा मंगाने का उद्देश्य कैसे पूरा होगा।मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए केवल दवा खरीदना और वार्डों में उसका वितरण करना पर्याप्त नहीं है। निगम को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किस वार्ड में कितनी दवा पहुंची, कितने क्षेत्रों में उसका छिड़काव हुआ और किन स्थानों को प्राथमिकता दी गई, इसका रिकॉर्ड तैयार हो। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी जरूरी है।ऐसे में दूसरी खेप में 750 लीटर डेल्टा मैलाथियान लिक्विड की आपूर्ति के बाद निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि दवा केवल स्टोर या वार्ड स्तर पर उपलब्ध न रहे, बल्कि उसका समयबद्ध और वास्तविक छिड़काव भी सुनिश्चित हो, ताकि बारिश के बाद संभावित डेंगू-मलेरिया के खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।

शिकायतों के लिए डायल 1076, फिर भी पत्रों से शिकायतें

नगर निगम द्वारा नागरिकों की मूलभूत समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए डायल 1076 की सुविधा भी शुरू की गई है। इसके बावजूद दवा छिड़काव में लापरवाही को लेकर स्वास्थ्य विभाग को लिखित शिकायतें मिलना व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। यदि शिकायत मिलने के बाद भी संबंधित वार्डों में नियमित रूप से छिड़काव नहीं हो रहा है तो केवल दवा की उपलब्धता को व्यवस्था की सफलता नहीं माना जा सकता।

वर्सन/ दवा छिड़काव को लेकर वार्डवासी और पार्षद की उपस्थिति में पंचनामा कराया जाता है।यदि इसके बाद भी समस्या है तो डायल 1076 में कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते है।
आलोक साव
प्रभारी स्वास्थ्य विभाग निगम

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