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बड़पारा शराब दुकान के पास डिस्पोजल का अंबार

बड़पारा शराब दुकान के पास डिस्पोजल का अंबार, अब सेवा ही संकल्प’ अभियान से उम्मीद

सफाई व्यवस्था कागज़ों में,कचरे से परेशान स्थानीय कारोबारी; नालियों में पहुंच रहा डिस्पोजल, बारिश में जल निकासी का भी खतरा


रायगढ़। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम ‘सेवा ही संकल्प’ अभियान चला रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने की अपील हो रही है, स्वच्छता दीदियां घर-घर जाकर जागरूक कर रही हैं और निगम का अमला सार्वजनिक स्थलों पर श्रमदान कर रहा है। लेकिन
रामनिवास टॉकीज़ चौक स्थित बड़पारा शराब दुकान के आसपास का नजारा इन दावों के बीच बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
शहर की प्रमुख शराब दुकानों में शामिल इस दुकान के आसपास बड़ी मात्रा में डिस्पोजल और अन्य कचरा जगह-जगह पड़ा है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि सफाई को लेकर शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सफाई को लेकर सीमा क्षेत्र का विवाद सामने आने के बाद जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने की स्थिति बन रही है और इसका खामियाजा दुकानदारों व आसपास से गुजरने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। दरअसल
शराब दुकान से रोजाना बड़ी मात्रा में शराब बिक्री होने के बाद अघोषित आहाता मे मदिरा प्रेमी शराब सेवन करते है।चूंकि शराब का सेवन  डिस्पोजल में किया जाता है। वही मदिरा प्रेमियों के द्वारा शराब पीने के बाद उक्त डिस्पोजल को सड़क के किनारे नदियों में तथा अन्य स्थानों पर ढेर कर दिया जाता है। यह डिस्पोजल के व्यवस्थित संग्रहण और निपटान की व्यवस्था नहीं होती है। सड़क किनारे, आसपास के हिस्सों और नालियों के समीप पड़ा डिस्पोजल धीरे-धीरे नालियों तक पहुंच रहा है। बारिश के दौरान यही कचरा नालियों की जल निकासी को प्रभावित कर सकता है। नगर निगम की वेबसाइट पर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और कचरे के वैज्ञानिक निपटान की व्यवस्था का उल्लेख है, वहीं निगम के हालिया ‘सेवा ही संकल्प’ अभियान में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने पर जोर दिया गया है। लेकिन प्रतिदिन सफाई नहीं होने के चलते सेवा संकल्प तथा स्वच्छता अभियान की बेड़ागर्क करता है। भारत नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदार का अधिकारियों के द्वारा निमित्त सफाई की जाने से उक्त स्थल की दशा तथा दिशा बदलना लाजमी है लेकिन इच्छा शक्ति की कमी होने के चलते समुचित साफ-सफाई व्यवस्था को दरकिनार किया जा रहा है।


नाली जाम का दूसरा बड़ा कारण

बड़पारा शराब दुकान क्षेत्र में सिर्फ सड़क और आसपास की गंदगी ही चिंता का कारण नहीं है। नालियों में पहुंच रहा डिस्पोजल भी जल निकासी व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। प्लास्टिक के गिलास, पाउच, बोतल और दूसरे कचरे के नाली में जाने से पानी का प्रवाह बाधित होने की आशंका रहती है। नगर निगम पहले भी नालियों में कचरा डालने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर चुका है और तीन प्रतिष्ठानों पर कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

बड़पारा में सवाल सिर्फ सफाई का नहीं, जिम्मेदारी का भी

यदि किसी क्षेत्र की सीमा को लेकर नगर निगम और दूसरे विभागों के बीच विवाद है तो इसका समाधान विभागों को करना है, आम लोगों को नहीं। जिस स्थान से रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है, वहां नियमित उठाव, डस्टबिन और निगरानी की व्यवस्था कौन करेगा, यह स्पष्ट होना जरूरी है। ‘सेवा ही संकल्प’ का वास्तविक असर तभी दिखेगा, जब अभियान उन जगहों तक भी पहुंचे जहां रोजाना सबसे ज्यादा कचरा पैदा हो रहा है।

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