गैस की किल्लत से बढ़ी पेंडेंसी, उपभोक्ता हलाकान, कमर्शियल सिलेंडर पर रोक से बंद होने लगे छोटे व्यवसायिक प्रतिष्ठान, कीमत के साथ बढ़ी सिलेंडर की पेंडेंसी
रायगढ़/ एल पी जी गैस की किल्लत अब शहर में भी देखने को मिल रहा है। डीलरो ने जहां व्यवसायिक सिलेंडरों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।वही उपभोक्ताओं को भी इसके लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।इसका कारण बुकिंग नम्बर को बंद किए जाने के साथ ही एल पी जी वाहनों के दो दिनों में औसतन एक बार आने को बताया जा रहा है।नतीजन शहर के प्रमुख गैस एजेंसियों में भारी भरकम पेंडेंसी के रूप में देखने को मिल रही है।
पूर्व में जहां उपभोक्ता बुकिंग के लिए दिए गए सरकारी नंबर का प्रयोग करते थे। वहीं इसके लिए उन्हें फोन पे अथवा गूगल पे का सहारा लेना पड़ रहा है।व्यवसायिक सिलेंडरों पर लगे प्रतिबंध के बाद शहर में भी कई ठेले, खोमचे सहित व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद नजर आ रहे है।




कीमत के साथ बढ़ी सिलेंडर की पेंडेंसी
गौरतलब हो जिले में एल पी जी गैस के कुल 3 लाख 37 हजार 25 उपभोक्ता है।जिनमें सर्वाधिक 1 लाख 17 सौ 18 उपभोक्ता रायगढ़ ब्लॉक में मौजूद है।इन कनेक्शनों में घरेलू कनेक्शनों में 56279 सिंगल कनेक्शन,66हजार949 डबल कनेक्शन एवं 1235 व्यवसायिक कनेक्शन सहित 2 लाख 34 हजार 5 सौ उज्जवला योजना के शामिल है।अब बात करे वर्तमान में चल रहे अमेरिका ,ईरान एवं इजरायल के मध्य चल रहे युद्ध के कारण एल पी जी गैस की आवक प्रभावित हुई है।वही इसकी कीमतों में भी 60 रुपए का इजाफा हुआ है।पूर्व में जहां इसकी निर्धारित दर 942 रुपए थी वही अब बढ़कर 1हजार 2 रुपए कीमत हो गई है।एजेंसी संचालकों की माने तो सिलेंडर की गाड़िया तो आ रही है।परन्तु बुकिंग बगैर सिलेंडर देना संभव नहीं है।बताया जा रहा है कि छोटे वाहनों में जहां 360 सिलेंडर परिवहन की क्षमता होती है।तो वही बड़े वाहन 468 रिफिल परिवहन कर लाते है।अब बात करे शहर के दो प्रमुख गैस एजेंसियों की तो एच पी गैस कोतरा रोड में कुल उपभोक्ताओं की संख्या 23 हजार बताई गई है।जहां रोजाना 3 सौ उपभोक्ताओं द्वारा रोजाना बुकिंग कराई जाती है।बावजूद इसके पेंडेंसी 15 सौ बताई जा रही है।वही गौरी शंकर मंदिर मार्ग स्थित इंडियन गैस एजेंसी में कुल उपभोक्ताओं की संख्या 14 हजार बताई गई।जहां रोजाना 4 सौ उपभोक्ता ऑन लाइन रिफिल बुकिंग कराते है।परन्तु यहां भी पेंडेंसी 1397 बताई गई।अब अगर सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में पहुंच रहा है।तो आखिर भारी भरकम पेंडेंसी क्यों।
बंद पड़े प्रतिष्ठान..??
एलपीजी गैस की समस्या को देखते हुए कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगी रोक का असर अब शहर में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। गैस की उपलब्धता नहीं होने के कारण छोटे-छोटे ठेले, खोमचे और कई छोटे प्रतिष्ठान संचालकों ने अपने व्यवसाय अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। दरअसल, चाय-नाश्ते की दुकानें, फास्ट फूड ठेले, ढाबे और अन्य छोटे व्यवसाय पूरी तरह कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर रहते हैं। सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से इन दुकानदारों के सामने कामकाज चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में मजबूरीवश कई संचालकों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं, जिससे शहर के कई इलाकों में रोजमर्रा की छोटी-छोटी खाद्य सामग्री उपलब्ध नहीं हो पा रही है।




