Thursday, February 26, 2026
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जल जीवन मिशन की सुस्त रफ्तार से गहराया संकट

जल जीवन मिशन की सुस्त रफ्तार से गहराया संकट, गर्मी में गांवों में पेयजल के लिए मचेगी मारामारी, 919 में सिर्फ 341 गांवों में ही योजना पूरी, 500 से अधिक गांव अब भी अधूरे

रायगढ़/ जिले में इस बार गर्मी के मौसम में पेयजल संकट केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी इसके विकराल रूप लेने की आशंका जताई जा रही है। इसका मुख्य कारण केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति और अधूरे कार्य हैं, जो समय पर पूरे नहीं हो सके हैं।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले की 539 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 919 गांवों में इस योजना के तहत हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि वर्तमान स्थिति यह है कि इनमें से केवल 341 गांवों में ही योजना की पूर्ण सुपुर्दगी हो सकी है। शेष 500 से अधिक गांवों में कार्य अधूरा है या योजना पूरी होने के बावजूद तकनीकी समस्याओं के कारण लोगों को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है।

अधूरी योजनाएं और सूखते जल स्रोत बने बड़ी समस्या

गौरतलब हो कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह पाइपलाइन बिछाने और टंकी निर्माण जैसे कार्य अधूरे हैं, वहीं जहां निर्माण कार्य पूरे भी हो चुके हैं, वहां बोर पंपों के सूखने से जलापूर्ति बाधित हो रही है। इससे योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई गांवों में आज भी लोग पारंपरिक जल स्रोतों या दूर-दराज के हैंडपंपों पर निर्भर हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि शेष गांवों में जल्द ही योजना पूरी नहीं की गई तो आगामी गर्मियों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। भूजल स्तर गिरने और पारंपरिक जल स्रोतों के सूखने के कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है।जिसका खामियाजा घरेलू महिलाओं को उठाना पड़ता है।योजना को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां योजना को समय सीमा में पूरा करने के लिए तेज गति से काम होना चाहिए था, वहीं विभाग की कार्यशैली सुस्त नजर आ रही है। यही वजह है कि लक्ष्य से काफी पीछे होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है।

बढ़ाई गई समयसीमा, लेकिन नहीं बढ़ी गति

जल जीवन मिशन को पहले वर्ष 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कार्य की धीमी गति को देखते हुए इसकी समयसीमा बढ़ाकर 2028 कर दी गई है। बावजूद इसके जमीनी स्तर पर कार्य में तेजी नहीं दिख रही है, जो आने वाले समय के लिए चिंता का विषय है।स्थिति को देखते हुए आवश्यक है कि प्रशासन और संबंधित विभाग योजना के कार्यों में तेजी लाएं। साथ ही जिन क्षेत्रों में तत्काल जल संकट की आशंका है, वहां टैंकर सहित अन्य जलापूर्ति के साधो की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पानी के लिए जूझना न पड़े।

वर्शन/ जल जीवन मिशन के तहत 539 ग्राम पंचायतों में शामिल 919 ग्रामों में 341 गांवों में योजना का कार्य पूर्ण कर उन्हें हैंड ओवर किया है चुका है।शेष कार्य में गति बढ़ाने निर्देशित किया गया है।

श्रीमती प्रतिभा नवरतन
कार्यपालन यंत्री
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

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