निर्देशों के बाद भी नहीं थमी भारी वाहनों और कंपनी बसों की आवाजाही, सत्तीगुड़ी चौक से बेखौफ गुजर रहे प्रतिबंधित किए गए वाहन
रायगढ़/ शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला परिवहन अधिकारी एवं यातायात डीएसपी द्वारा हाल ही में बस संचालकों तथा उद्योगों में संचालित वाहनों के संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए शहर के भीतर यात्री बसों और कंपनी वाहनों के प्रवेश को लेकर स्पष्ट रूट और पिकअप प्वाइंट निर्धारित किए गए थे। जिसका उद्देश्य मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति को कम करना और आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करना था।परन्तु बैठक में लिए गए निर्णयों का असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। कंपनी बसों का संचालन बंद होना तो दूर, उल्टे प्रतिबंधित मार्गों पर भारी वाहनों की बेखौफ आवाजाही शुरू हो गई है। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि जिम्मेदार विभागों की भूमिका फिलहाल बैठक लेने और निर्देश जारी करने तक ही सीमित रह गई है।


सत्तीगुड़ी चौक से ही गुजर रहे प्रतिबंधित वाहन
गौरतलब हो कि परिवहन एवं यातायात विभाग द्वारा दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कंपनी बसों और सवारी बसों के संचालन हेतु अलग-अलग मार्ग तय किए गए थे। तय व्यवस्था के अनुसार कोतरारोड़–सत्तीगुड़ी मार्ग से केवड़ाबाड़ी की ओर बसों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। वहीं सारंगढ़ बस स्टैंड और नंदेली की ओर से आने वाली बसों को ढिमरापुर चौक से होकर केवड़ाबाड़ी की ओर जाने के निर्देश दिए गए थे, ताकि शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।इसके बावजूद महज एक सप्ताह के भीतर ही यह व्यवस्था बेपटरी होती नजर आने लगी है। सत्तीगुड़ी चौक मार्ग से कंपनी बसों का संचालन फिर से शुरू हो चुका है और प्रतिबंधित मार्गों पर भारी वाहन लगातार गुजरते देखे जा सकते हैं। इससे साफ है कि निर्देशों के पालन को लेकर सख्ती का अभाव बना हुआ है।शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर 24 घंटे का प्रतिबंध लागू किए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद शहर के थाना क्षेत्र से होकर ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को आसानी से गुजरते देखा जा सकता है। यह स्थिति नियमों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है।
बसों पर सख्ती ट्रकों को छूट..???
इस पूरे मामले में सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि जिन मुख्य मार्गों से होकर भारी वाहन गुजर रहे हैं, वहीं न्यायालय, कलेक्ट्रेट और पुलिस थाना जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थित हैं। इसके बावजूद इन वाहनों की आवाजाही पर रोक नहीं लग पा रही है, जिससे यह प्रतीत होता है कि वाहन चालकों को नियमों की अनदेखी करने की खुली छूट मिल गई है।यातायात विभाग द्वारा कंपनी बसों के लिए रूट और पिकअप प्वाइंट तय कर सख्ती दिखाई गई थी, लेकिन भारी वाहनों के मामले में यह सख्ती प्रभावी नहीं दिख रही। नतीजतन कंपनी बसों के साथ-साथ ट्रक और अन्य बड़े वाहन भी मुख्य मार्गों से बेधड़क गुजर रहे हैं, जिससे जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तय किए गए निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए तो शहर में ट्रैफिक की स्थिति काफी हद तक सुधर सकती है। फिलहाल, बिना निगरानी और कार्रवाई के अभाव में पूरी व्यवस्था फिर से पुराने ढर्रे पर लौटती दिखाई दे रही है।




