Sunday, February 8, 2026
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सर पर परीक्षा, गुरुजी को पढ़ाने की नहीं ईच्छा

सर पर परीक्षा,गुरुजी को पढ़ाने की नहीं ईच्छा, ग्राम कुकुर्दा माध्यमिक शाला में निर्धारित समय पर शिक्षकों की अनुपस्थिति से पढ़ाई हो रही प्रभावित

रायगढ़/ एक ओर जहां शासन द्वारा शिक्षण व्यवस्था को बेहतर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं और प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन प्रयासों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। ऐसा ही एक मामला ग्राम कुकुर्दा स्थित माध्यमिक शाला से सामने आया है, जहां शिक्षकों की अनियमित एवं मनमानी आवाजाही विद्यार्थियों की पढ़ाई में बड़ी बाधा बनती जा रही है।विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों का कहना है कि यहां पदस्थ कुछ शिक्षक नियमित रूप से निर्धारित समय पर स्कूल नहीं पहुंचते। कई बार विद्यालय खुलने के काफी समय बाद शिक्षक उपस्थित होते हैं, इसका सीधा असर कक्षा में संचालित शिक्षण कार्य पर पड़ रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

परीक्षा सिर पर, पढ़ाई ठप

गौरतलब हो कि आगामी दिनों में स्कूली बच्चों की परीक्षाएं नजदीक हैं। ऐसे महत्वपूर्ण समय में यदि शिक्षकों की उपस्थिति नियमित नहीं रही, तो विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी अधूरी रह जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। छात्रों को न तो समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराया जा रहा है और न ही परीक्षा संबंधी मार्गदर्शन मिल पा रहा है। शासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए चाहे जितनी भी योजनाएं बनाई जाएं, लेकिन जब तक विद्यालय स्तर पर शिक्षकों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक इन प्रयासों का वास्तविक लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच पाएगा।बहरहाल अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस लापरवाही को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक ग्राम कुकुर्दा के विद्यार्थियों को इस समस्या से राहत मिल पाती है।

उपस्थिति ऐप बना, पर अमल अधूरा

गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था शुरू की गई है। हालांकि निजता के हनन का हवाला देते हुए अब तक जिले के सैकड़ों शिक्षक इस ऐप से नहीं जुड़े हैं। यदि शिक्षक इस व्यवस्था से जुड़े होते, तो विभाग को उनकी निर्धारित समय पर उपस्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सकती थी, लेकिन व्यवहारिक स्तर पर यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी है।इस पूरे मामले में जिला शिक्षा विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित स्कूल समय का पालन नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

वर्शन/ स्कूल के निर्धारित समय का पालन न करने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।सभी शिक्षकों को समय पर उपस्थिति दर्ज करानी है।जिस से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

आलोक स्वर्णकार
डी एम सी जिला परियोजना कार्यालय
समग्र शिक्षा विभाग

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