Sunday, February 8, 2026
Google search engine
HomeBlogधान खरीदी में अव्यवस्था से किसान परेशान,

धान खरीदी में अव्यवस्था से किसान परेशान,

धान खरीदी में अव्यवस्था से किसान परेशान, टोकन नहीं मिलने पर कोतरा केंद्र में चक्का जाम, टोकन कटने के बाद थमा किसानों का आक्रोश

रायगढ़/ जिले में धान खरीदी को लेकर किसानों की परेशानियां लगातार बनी हुई हैं। टोकन और रकबा संबंधी समस्याओं के चलते किसानों को बार-बार आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। बुधवार को ग्राम कोतरा स्थित धान खरीदी केंद्र में टोकन नहीं काटे जाने को लेकर स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई।टोकन नहीं मिलने से नाराज किसानों ने खरीदी केंद्र के सामने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित रहा। किसानों का कहना था कि समय पर टोकन जारी नहीं होने के कारण उन्हें कई दिनों से केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ रही है।

धान बेचने आंदोलन की राह

गौरतलब हो कि किसानों के इस विरोध प्रदर्शन को खरसिया विधायक उमेश पटेल का समर्थन मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम मौके पर पहुंचे। एसडीएम द्वारा किसानों से चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली गई और आवश्यक समझाइश दी गई। इसके बाद संबंधित किसानों के टोकन काटे जाने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी लोइंग, पुसौर सहित अन्य धान खरीदी केंद्रों में रकबा निर्धारण और टोकन कटौती को लेकर किसान अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। इन समस्याओं को लेकर खरसिया एवं लैलूंगा विधायक सहित कांग्रेस के अन्य जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की परेशानियों से अवगत कराया था।जिस पर जिला प्रशासन की ओर से समय पर समाधान का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन इसके बावजूद जिले के विभिन्न खरीदी केंद्रों में लगातार हो रहे किसान आंदोलनों से स्पष्ट है कि धान खरीदी व्यवस्था में अभी भी कई व्यावहारिक समस्याएं बनी हुई हैं, जिनका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।

खरीदी के शेष 4 दिन
शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी का कार्य 31 जनवरी तक किया जाना है।परन्तु लगातार आ रही तकनीकी खामियों एवं टोकन की समस्या को लेकर अब भी सैकड़ों किसान धान बेचने से वंचित है।जिनको टोकन कटाने ही बार बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे है।इसके अलावा शासन द्वारा समय समय पर जारी दिशा निर्देश भी किसानों की परेशानी का कारण बनती थी है।वही अब निर्धारित तिथी अनुसार महज चार दिन का समय धान बेचने के लिए शेष है। ऐसे में अब किसानों को जल्द से जल्द धान बेचने की चिंता सत्ता रही है।नतीजन हो रही लेटलतिफी के कारण लगातार किसानों का आक्रोश खरीदी केंद्रों में देखने को मिल रहा है।

spot_img
spot_img

JANKARM DAILY EPAPER

Recent Artical