Monday, March 2, 2026
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अपहरण के 74 केस जिले में पेंडिंग, कुछ मामलों में 5 साल से रायगढ़ पुलिस को नहीं मिली सफलता

अपहरण के 74 केस जिले में पेंडिंग, कुछ मामलों में 5 साल से रायगढ़ पुलिस को नहीं मिली सफलता

चक्रधरनगर और जूटमिल थानों में सबसे ज्यादा अपहरण के मामले लंबित, कोतवाली में भी अपहरण के 8 केस पेंडिंग

जनकर्म न्यूज

रायगढ़। जिले में विभिन्न थानों में अपहरण के करीब 74 केस पेंडिंग हैं। कुछ मामलों में तो 5 साल से रायगढ पुलिस अपहरण के आरोपी को ढूंढ रही है। थानों वार नजर डाले तो शहर का चक्रधरनगर थाना पेंडिंग केस में टॉप पर है। वहीं कोतवाली और जूटमिल पुलिस भी अपहरण केस की गुत्थी सुलझाने में फिसड्डी साबित हुई है।

जिले में अपहरण जैसे गंभीर अपराधों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। जानकारी के अनुसार साल 2020 से लेकर अब तक जिले के विभिन्न थानों दर्ज अपहरण कुल 74 प्रकरण अब भी लंबित है। जिनमें चक्रधरनगर अपहरण के पेंडिंग मामले पूरे जिले में सबसे ज्यादा है। वर्ष 2020 से लेकर 2026 तक चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में दर्ज अपहरण के मामलों में से 15 प्रकरण अब भी पेंडिंग हैं, जिनका आज तक अंतिम निराकरण नहीं हो सका है। आंकड़ों पर नजर डालें तो चक्रधरनगर थाना में दर्ज कई अपहरण की प्रकरण 2 से 4 वर्ष पुराने हो चुके हैं। इसके बावजूद न तो सभी मामलों में आरोपियों गिरफ्तारी हो सकी है और न ही पीड़ितों को न्याय मिल पाया है। लंबे समय से लंबित मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं इस फेहरिस्त में जूटमिल थाना दूसरे नंबर पर है। जहां वर्ष 2020 से दर्ज अपहरण के 13 प्रकरण अब भी लंबित है। जिनका निराकरण करना बाकी है। अपहरण जैसे संगीन अपराधों का समय पर खुलासा न होना आम नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर रहा है। लोगों का कहना है कि जब वर्षों पुराने मामले भी अंजाम तक नहीं पहुंचते, तो अपराधियों के हौसले बढ़ना स्वाभाविक है। आंकड़ों के अनुसार चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 से अपहरण के मामले निरंतर दर्ज होते रहे हैं। शुरुआती वर्षों में ये मामले भारतीय दंड संहिता (दृक्ट) की धारा 363 के तहत दर्ज किए गए, जबकि 1 जुलाई 2024 के बाद लागू भारतीय न्याय संहिता (कहरु) के अंतर्गत अधिकतर प्रकरण धारा 137 (2) शहर सहित अन गंभीर धाराओं में पंजीबद्ध हुए। इस संबं में एएसपी अनिल कुमार सोनी ने बताय कि अपहरण के ऐसे केस में पुलिस लगात काम कर रही है। आपरेशन मुस्कान के तह ऐसे मामलों का निराकरण किया जा रहा है

कोतवाली में भी अपहरण के 8 केस पेंडिंग

अन्य थानों की तुलना में चक्रधरनगर सबसे आगे है। कोतरा रोड थाना में 9. जूटमिल 11, धरमजयगढ़ 6, घरघोड़ा 3, कोतवाली 8, कोतरारोड में 8, लैलूंगा 4, पुसौर 2, पूंजीपथरा 5. खरसिया और कापू में एक एक सहित भूपेदेवपुर में 2 अपहरण के मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन सबसे अधिक पेंडिंग प्रकरण चक्रधरनगर थाना में पाए गए। यह स्थिति दर्शाती है कि इस क्षेत्र में या तो अपराध की प्रवृत्ति अधिक है, या फिर विवेचना की गति बेहद धीमी है।

कुछ मामलों में 5 वर्षों बाद भी नहीं मिला सुराग

औद्योगिक नगरी बनने के परिणाम स्वरूप जिस गति से उद्योगों के आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है। उसके दुगुनी गति से अपहरण जैसे संगीन मामले भी लगातार देखने को मिले है। इनमें से कई प्रकरण ऐसे हैं। जिन्हें बीते 5 वर्षों के बाद भी पुलिस प्रशासन प्रकरण निपटाने नाकाम है। इनमें जहां कोतरा रोड थाना में वर्ष 2018 से दर्ज दो मामले लंबित है। तो वही कापू और खरसिया थाना में वर्ष 2019 से दर्ज प्रकरण को लेकर अब भी पुलिस के हाथ खाली दिखाई पड़ रहे है।

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