Thursday, April 16, 2026
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54 हेक्टेयर में 1 लाख 20 हजार पौध की नर्सरी वन विभाग कर रहा है तैयार, बारिश में होगा रोपण

54 हेक्टेयर में 1 लाख 20 हजार पौध की नर्सरी वन विभाग कर रहा है तैयार, बारिश में होगा रोपण

औद्योगिक जिले में हरियाली जाने के लिए वन विभाग प्रयासरत, उद्योगों जगत को भी निभानी होगी महत्वपूर्ण

जनकर्म एक्सक्लुसिव

रायगढ़।
जिले को हरा-भरा करने के लिए वन विभाग द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। जिले में प्रति वर्ष वन विभाग की ओर से लाखों पौधे लगाए व वितरित किए जाते हैं। यह कार्य हर साल मानसून की दस्तक के साथ ही पौधे लगाए व वितरित का कार्य शुरू हो जाता है। आलम यह है कि इस वर्ष रायगढ़ वन मंडल में 54 हेक्टेयर में 1 लाख 20 हजार पौध की नर्सरी तैयार की जा रही है। जिसे आने वाले मानसून में विभिन्न स्तर में आमजन एवं सरकारी योजनाओं में रोपण किया जाएगा।

मानसून के आने में अभी समय है, लेकिन वन विभाग की ओर से जिले को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग की अपने अलग- अलग नर्सरी में पौध तैयार कर चुकी है। वन विभाग की ओर से सरकारी स्थानों, क्षेत्र व सडक़ों के किनारे पर स्वयं पौधे लगाए जाते है। वहीं विभाग की ओर से पौधे सरकारी व प्राइवेट स्कूलों, कालेजों, पंचायत व शहर की संस्थाओं को वितरित किए जाते है ताकि हर आदमी तक पौधे पहुंचे और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सकें। इस वर्ष वन विभाग की इस नर्सरी में करीब 1 लाख 20 हजार पौध तैयार की जा रही है। यह करीब 54 हेक्टेयर में हो रहा है। जबकि पिछले साल 80 हजार के करीब था।
हर वर्ष की भाती इस साल भी हरियाली फैलाकर पर्यावरण को संतुलित करने के लिए वन विभाग विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। वन विभाग की नर्सरी में पौधे तैयार हो रहे है। नर्सरी की निगरानी करने वन विभाग द्वारा संचालित अधिकारी निगरानी रखे हुए है। इस तरह जिले को हरा-भरा करने के लिए वन विभाग द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। बरसात शुरू होते ही मांग के अनुसार सरकारी तथा गैर सरकारी स्तर पर पौधे उपलब्ध करा दिए जाएंगे। वहीं, बड़ी संख्या में आम लोग भी पौधारोपण के लिए नर्सरी में पौधे लेने आते हैं।

इन प्रजातियों की पौध की गई तैयार

वन विभाग की इस सरकारी नर्सरी में ज्यादातर फलदार, फूलदार, छायादार व औषधीय पौधे तैयार किए जाते हैं। विभाग की ओर से नर्सरियों में आम, अर्जुन, बरगद , गूलर, शीशम, जामुन, आंवला, नीम, गुलमोहर, कदम, बेलपत्र, सागवान, पीपल, सुहाजना, तुलसी, चांदनी, गुड़हल, सहित कई प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए है। फलदार पौधों में आम, अमरूद, आंवला, कटहल, करंज की पौध तैयार कर रही है।

उद्योग विभाग और उद्योगों को भी हरियाली के लिए होना चाहिए प्रतिबद्ध

जिले में अंधाधुंध पेड़ो की कटाई कर छोटे बड़े प्लांट लगाई जा रही है।कई क्षेत्रों में उद्योग के आ जाने से उस क्षेत्र से हरियाली और जंगल दोनो गायब हो गए हैं। पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ रहा है। आबोहवा भी प्रदूषित हो चुका है। ऐसे में उद्योग विभाग को भी अपनी जिम्मेदारी हरियाली को लेकर प्रतिबद्ध होना चाहिए। इसी तरह उद्योगों को भी यही मार्ग अनुसरण ईमानदारी से करना चाहिए ताकि रायगढ़ की आबोहवा में प्रकृति की महक फिर से आ सके।

वर्जन

इस बार 54 हेक्टेयर में विभिन्न केंद्रो में विभिन्न फलदार एवं छाए दार पौधे की नर्सरी तैयार की जा रही हैं। जिसमे तकरीबन 1 लाख 20 हजार पौधे तैयार होंगे। इन पौधे को बरसात में रोपण किया जाएगा।

स्टायलो मंडावी, वन मंडल अधिकारी रायगढ़

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