कमर्शियल माइनिंग के 10 वें दौर की नीलामी में रायगढ़ समेत प्रदेश के कोल 15 ब्लाक
कोयला मंत्री रेड्डी ने किया प्रक्रिया का शुभारंभ,

सरेंडर किए गए ब्लाक भी शामिल कोयला आयात घटाने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
हिंडाल्को के वापस लौटाए गारे पेलमा ब्लाक भी सूची में
रायगढ़।
कोयला कमर्शियल माइनिंग की10 वे चरण की नीलामी शुरू की गई। हैदराबाद में आयोजित एक समारोह के दौरान केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, तेलगांना के उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्ग व कोयला मंत्रालय के सचिव अमृतलाल मीणा उपस्थित रहे।जबकि इस नीलामी देश के आठ राज्यों के साथ प्रदेश के 15 कोल ब्लॉक शामिल है। इसी में रायगढ़ जिले के कोयला खदान है। जिसमे गारे पेलमा ब्लाक भी सूचीबद्व है।
गौरतलब हो कि कोयला मंत्रालय ने ऊर्जा के लिए कोयलाय खदानों को कमर्शियल कर रही है।घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाने और राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कामर्शियल खदानों की नीलामी के 10वें दौर के तहत बिक्री के लिए रखे गए 60 कोयला ब्लॉकों के लिए 44 बोलियां हासिल हुई हैं। वहीं आठ राज्य छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना व पश्चिम बंगाल के कुल 60 कोल ब्लाक नीलाम किया जाना है। इसमें छत्तीसगढ़ के 15 कोल ब्लाक में शामिल किए गए हैं, इसमे कोरबा, रायगढ व अंबिकापुर के हैं। इसके अतिरिक्त कमर्शियल माइनिंग के नौ वें दौके दूसरे प्रयास के तहत पांच कोयला खदानों की पेश की जाएगी। 24 कोयला खदानों का पूरी तरह से व 36 का आंशिक रूप से अन्वेषण किया गया है।
यहां बताना होगा कि वित्तीय वर्ष 2023 के दौरान कैप्टिव और कमर्शियल खदानों का सामूहिक कोयला उत्पादन 10 करोड़ टन को पार कर गया है और वित्तीय वर्ष 26 तक इसके 20 करोड़ टन को पार करने की संभावना है। माइन डेवलपर एंड आपरेटर्स (एमडीओ) जैसे आउटसोर्सिंग माडल के माध्यम से बंद व घाटे की खदानों को पुनर्जीवित किया जा रहा। इससे ऊर्जा के लिए कोयले की आपूर्ति का स्रोत बना रहे।
रायगढ़ समेत प्रदेश के ये खदान सूचीबद्ध
कमर्शियल कोयला खदान में छाल वेस्ट, गारे पलमा चार- पांच, है।इसी तरह कोरबा मे एवं सरगुजा क्षेत्र के लिए क्रम हैं, जिसमे करतला नार्थ, करतला साउथ, कोटमेर नार्थ, कोटमेर साऊथ, नवागांव ईस्ट, नवागांव वेस्ट, तेर्म, उलईघमारडीह, विजय नगर साऊथ, विजय नगर नार्थ, कुसेहा, वेस्ट आफ बेंसी व भटगांव विस्तार हैं।
लागत बढ़ने से बंद हिंडाल्को की खदान भी नीलामी में
गारे पेलमा 4-5 नंबर कोल ब्लाक को पूर्व में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को आबंटित किया गया था। कंपनी ने एक साल तक ऊपरी परत (पिक रेटेड) से कोयला उत्खनन किया। उसके बाद अंदरूनी परत के उत्खनन में अधिक लागत आने का हवाला देते हुए ब्लाक को वापस लौटा दिया था।




