20 वर्षों से जर्जर केशला–तोलगे सड़क के लिए 1 अगस्त को शांतिपूर्ण चक्का जाम
31 जुलाई तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो हजारों क्षेत्रवासी उतरेंगे सड़क पर
रायगढ़/जिले के लैलूंगा ब्लाक स्थित केशला–तोलगे सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। लगभग 20 वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क के निर्माण की मांग को लेकर केशला–तोलगे सड़क संघर्ष समिति ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए घोषणा की है कि यदि 31 जुलाई तक सड़क निर्माण अथवा मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो 1 अगस्त शनिवार को सुबह 10 बजे घरघोड़ा–लैलूँगा मुख्य मार्ग स्थित केशला मोड़ हाई स्कूल के पास शांतिपूर्ण चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
गौरतलब हो कि केशला–तोलगे सड़क केवल एक संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि लगभग 15 ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों की जीवनरेखा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसी मार्ग से स्कूल और महाविद्यालय पहुंचते हैं। किसान अपनी उपज बाजार तक ले जाने, मरीज अस्पताल पहुंचने तथा मजदूर और व्यापारी अपने दैनिक कार्यों के लिए इसी सड़क पर निर्भर हैं।सड़क की जर्जर स्थिति के कारण लोगों को वर्षों से आर्थिक, सामाजिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सड़क पर बने गहरे गड्ढे और जलभराव आवागमन को और अधिक जोखिमपूर्ण बना देते हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले लगभग दो दशकों में सड़क निर्माण को लेकर कई बार घोषणाएं और आश्वासन दिए गए, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। परिणामस्वरूप सड़क पर बने गड्ढे अब क्षेत्र की पहचान बनते जा रहे हैंग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव और हर प्रशासनिक दौरे में सड़क निर्माण का मुद्दा उठता है, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाता। इससे लोगों में गहरी निराशा और आक्रोश है।
बरसात में बढ़ जाती है परेशानी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब हो जाती है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली विद्यार्थियों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।




