आयुष्मान कार्ड उपचार को लेकर निजी अस्पतालों की मनमानी पर उठे सवाल, जिले के 4 अस्पतालों की पात्रता रही बंद,मार्च में हो सकते है बहाल
रायगढ़/ आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त उपचार उपलब्ध कराने की मंशा के बावजूद जिले में निजी चिकित्सालयों द्वारा मनमाने रवैये की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। बताया जाता है कि कई अस्पतालों को लंबे समय से भुगतान लंबित होने की वजह से वे आयुष्मान कार्ड से उपचार में दिलचस्पी कम दिखाते हैं। हालांकि इस संबंध में निजी अस्पतालों द्वारा स्वास्थ्य विभाग को औपचारिक रूप से जानकारी नहीं दी जाती, लेकिन राज्य स्तरीय निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली खामियों के कारण कई संस्थानों पर कार्रवाई भी हो चुकी है।
15 निजी चिकित्सालय आयुष्मान योजना से जुड़े
गौरतलब हो कि जिले में संचालित लगभग 15 निजी चिकित्सालय आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपचार प्रदान करने के लिए पात्र पाए गए हैं। इनमें कान्हा हॉस्पिटल, एपेक्स हॉस्पिटल, जेएमजे, संजीवनी, राजप्रिय, जिंदल फोर्टिस, आर.एल. हॉस्पिटल, रायगढ़ मेट्रो, सिद्धेश्वर, शिव हॉस्पिटल, रायगढ़ आर्थो, पद्मावती तथा गुरुदेव हॉस्पिटल प्रमुख रूप से शामिल हैं।निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं देने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है और नर्सिंग होम एक्ट के तहत लाइसेंस व आवश्यक व्यवस्थाएं सही पाए जाने पर ही उन्हें पात्रता प्रदान की जाती है। इसके बाद कार्डधारी मरीज यहां भर्ती होकर सूचीबद्ध बीमारियों का नि:शुल्क उपचार करा सकते हैं।आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में राहत देना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है।योजना के अंतर्गत मरीजों को भर्ती, ऑपरेशन, दवाइयां, जांच, भोजन और उपचार के बाद की देखभाल जैसी सुविधाएं भी शामिल रहती हैं, जिससे गरीब मरीजों को बड़े खर्च से राहत मिल सके।
4 अस्पतालों की सुविधा की गई थी बंद
राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बीते वर्ष जिले के निजी चिकित्सालयों का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान चार अस्पतालों में लापरवाही और नियमों की अनदेखी पाए जाने पर वहां आयुष्मान कार्ड से उपचार की सुविधा बंद कर दी गई थी। इन संस्थानों में गंगा नर्सिंग होम, गंगा स्मार्ट, ग्लोबल हॉस्पिटल और लोकेश हॉस्पिटल के नाम प्रमुख रूप से सामने आए थे।
बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में लगभग एक वर्ष पहले ही आयुष्मान योजना के तहत उपचार पर रोक लगा दी गई थी। अब जानकारी मिल रही है कि आगामी मार्च माह में पुनः कुछ अस्पतालों में यह सुविधा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिन अस्पतालों पर नियमों की अनदेखी के कारण प्रतिबंध लगाया गया था, उन्हें एक वर्ष बाद फिर से अनुमति दिए जाने का आधार क्या होगा।स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि आयुष्मान कार्ड से मरीजों को सही उपचार मिले और कोई भी अस्पताल नियमों का उल्लंघन न करे। इसके बावजूद यदि कहीं सुविधा देने में टालमटोल या मनमानी की शिकायतें सामने आती हैं तो इससे योजना के उद्देश्य पर असर पड़ता है।
वर्शन/ जिले में 15 निजी चिकित्सालयों में आयुष्मान कार्ड से उपचार की सुविधा उपलब्ध है।बीते वर्ष 4 निजी चिकित्सालयों में राज्य की मेडिकल टीम को निरीक्षण के दौरान खामियां मिली थी।जिसकी वजह से कार्ड के माध्यम वहा उपचार बंद करवा दिया गया था।जिसके अगामी माह मार्च से फिर उपचार सुविधा शुरू होने की संभावना है।
डॉक्टर तिलेश दीवान
जिला सलाहकार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना




