216 प्रस्ताव, 13 करोड़ की स्वीकृति, 45 कार्य अब भी इंतजार में
सांसद से विकास कार्यों के लिए दो साल मे मिली 3 करोड 19 लाख की राशि
रायगढ़/विधायक निधि खर्च करने जिले के चारों विधायक अग्रणी नजर आ रहे है।यही कारण है कि अपनी अपनी निधि से लगभग 3 करोड़ रुपए का प्रस्ताव सभी विधायकों द्वारा बनाकर भेजा जा चुका है।जहां चारों विधानसभाओं मे 15 करोड़ 25 लाख 64 हजार रुपए से 216 कार्यों के प्रस्ताव बनाकर भेजे गए थे।जिनमें 13 करोड़ 11 लाख 97 हजार रुपए के 171 कार्यों को ही हरि झंडी मिल सकी है।अब भी विधायकों द्वारा दिए गए 45 कार्यों की स्वीकृति अब भी शेष है।बहरहाल देखना लाजमी होगा कि क्या निर्धारित समयावधि में शेष कार्यों की स्वीकृति होती है या फिर प्रस्ताव के बाद भी फंड बाकी रह जाएगा।
रायगढ़ से 27 तो खरसिया से 91 कार्यों का प्रस्ताव
गौरतलब हो कि जिले के अंतर्गत 4 विधानसभा शामिल है । जिनमें से खरसिया विधायक द्वारा जहां 77 कार्यों का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था।तो वही प्रभारी मंत्री ने 14 कार्यों की सूची सौंपी थी।जिसके एवज में 61 कार्यों के लिए 1 करोड़ 79 लाख 53 हजार रुपए स्वीकृत किए गए।वही रायगढ़ विधानसभा में विधायक द्वारा अपनी निधि से 21 एवं प्रभारी मंत्री द्वारा 6 कार्यों का प्रस्ताव भेजा था।जिसमें 24 कार्यों के लिए 3 करोड़ 40 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई।धर्मजयगढ़ विधानसभा में भेजे गए कार्यों के प्रस्ताव का कुल आंकड़ा 55 है।जिसमें 45 कार्यों के लिए 3 करोड़ 96 लक्ख रुपए के राशि मिली है।इसके अलावा लैलूंगा विधानसभा की बात करे तो यहां भेजे गए 43 कार्यों के प्रस्ताव के 42 कार्यों पर्वसहमति बनी।जिसके लिए 3 करोड़ 95 लाख 99 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई।
सांसद के 1 तो राज्यसभा सदस्य के कार्यों की दो अनुशंसा निरस्त
विदित हो कि निधि खर्च करने के मामले में सांसद भी विधायकों से पीछे नहीं है। रायगढ़ लोकसभा सांसद निधि की बात करे तो सांसद द्वारा वर्ष 2024 और 2025 में कुल 62 कार्यों की अनुशंसा की गई थी।जिसमें 57 कार्यों के लिए 3 करोड़ 19 लाख 42 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान हुई। वही सांसद द्वारा अनुशंसित एक कार्य का प्रस्ताव निरस्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वही राज्यसभा सदस्यों से कुल 7 प्रस्ताव मिले थे जिनमें महज 3 कार्यों के लिए तैयार 56 लाख रुपए की ही स्वीकृति मिल सकी। इनमें भी अब तक 2 कार्य प्रारंभ ही नहीं हो सके है।
वर्शन विधायकों द्वारा विकाश कार्यों हेतु समय से पूर्व ही प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।जिनमें लगभग 90 प्रतिशत कार्यों पर स्वीकृति मिल चुकी है।
एस कुजूर
सहायक संचालक
जिला सांख्यिकीय विभाग




