Sunday, November 30, 2025
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छत्तीसगढ़ का दूसरा 4 सी कैटेगरी का एयरपोर्ट 13 साल बाद रायगढ़ के कोड़ातराई बनने की सुगबुगाहट

छत्तीसगढ़ का दूसरा 4 सी कैटेगरी का एयरपोर्ट 13 साल बाद रायगढ़ के कोड़ातराई बनने की सुगबुगाहट

वित्त मंत्री ओपी के प्रयास से शासन स्तर से पहल, 4 गांव के 600 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी होगी जल्द शुरु

कोंड़ातराई में प्रदेश का दूसरा नेशनल एयरपोर्ट, महानगरों लिए मिलेगी विमानन तल से हवाई सुविधा
रायगढ़। अद्योगिक जिले रायगढ़ में एयरपोर्ट का पुराना प्रोजेक्ट वापस से पटरी पर आने की सुगबुगाहट तेजी से चल रही है। जिसमें छत्तीसगढ़ का दूसरा 4 सी कैटेगरी का एयरपोर्ट 13 साल बाद वित्त मंत्री रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के प्रयास से सफलता की ओर अग्रसर है। आलम यह है कि कोडातराई और पुसौर तहसील के चार गांवों में जमीन लगभग 600 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है, इसके लिए आने वाले दिनों में पूरी प्रक्रिया जमीनी स्तर में नजर आने के आसार है।
रायगढ़ जिले की बहुप्रतीक्षित मांग एयपोर्ट के सपने को साकार करने के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक कदम सफलता के लिए बढ़ा दिए है। जिसमें शहर से करीब दस किमी दूर कोंड़ातराई एयरपोर्ट बनाने के लिए हवाई पट्टी की 23 एकड़ और चार गांवों की 569 एकड़ जमीन ली जानी है।
इसके लिए पूर्व में भी कई तरह की चर्चाओं का दौर चला, जमीन अधिग्रहित किये जाने की कवायद की गई। खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया, जिसे आजपर्यंत नही हटाया गया है। करीब 12-13 सालों से एयरपोर्ट निर्माण पर सुगबुगाहट चल रही है। बढ़ते उद्योगों के कारण रायगढ़ में एयरपोर्ट की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। कोंड़ातराई, औरदा, बेलपाली और जकेला की करीब 600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। यह भूमि अधिग्रहित 4 सी कैटगिरी के एयरपोर्ट के लिए किया जाना है। इस तरह कोड़ातराई में प्रदेश का दूसरा नेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा। कयास यह भी लगाए जा रहे है कि इसके साथ ही शहर की बढ़ते आबादी के चलते नया रायगढ़ भी बसाया जाएगा। बहरहाल वित्त मंत्री के प्रयास को फलीभूत करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली हैं। जिसके चलते आने वाले दिनों में राज्य शासन के निर्देश पर एयरपोर्ट के लिए जरूरी कार्य धरातल में नजर आना तय है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मांगी थी 800 एकड़ भूमि, तब से खरीदी पर प्रतिबंध
वर्ष 2013 के आसपास एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रयास प्रारंभ हुए। जब जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट और नया रायगढ़ के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की थी। चारों गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया। लेकिन बाद में एयरपोर्ट अथॉरिटी ने करीब 800 एकड़ की मांग की। इसके बाद प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। अब तक भू-अर्जन नहीं हुआ है लेकिन प्रतिबंध भी बरकरार है। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार इस प्रोजेक्ट को आने वाले दिनों में आगे बढ़ा सकती है।


रायगढ़। अद्योगिक जिले रायगढ़ में एयरपोर्ट का पुराना प्रोजेक्ट वापस से पटरी पर आने की सुगबुगाहट तेजी से चल रही है। जिसमें छत्तीसगढ़ का दूसरा 4 सी कैटेगरी का एयरपोर्ट 13 साल बाद वित्त मंत्री रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के प्रयास से सफलता की ओर अग्रसर है। आलम यह है कि कोडातराई और पुसौर तहसील के चार गांवों में जमीन लगभग 600 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है, इसके लिए आने वाले दिनों में पूरी प्रक्रिया जमीनी स्तर में नजर आने के आसार है।
रायगढ़ जिले की बहुप्रतीक्षित मांग एयपोर्ट के सपने को साकार करने के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक कदम सफलता के लिए बढ़ा दिए है। जिसमें शहर से करीब दस किमी दूर कोंड़ातराई एयरपोर्ट बनाने के लिए हवाई पट्टी की 23 एकड़ और चार गांवों की 569 एकड़ जमीन ली जानी है।
इसके लिए पूर्व में भी कई तरह की चर्चाओं का दौर चला, जमीन अधिग्रहित किये जाने की कवायद की गई। खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया, जिसे आजपर्यंत नही हटाया गया है। करीब 12-13 सालों से एयरपोर्ट निर्माण पर सुगबुगाहट चल रही है। बढ़ते उद्योगों के कारण रायगढ़ में एयरपोर्ट की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। कोंड़ातराई, औरदा, बेलपाली और जकेला की करीब 600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। यह भूमि अधिग्रहित 4 सी कैटगिरी के एयरपोर्ट के लिए किया जाना है। इस तरह कोड़ातराई में प्रदेश का दूसरा नेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा। कयास यह भी लगाए जा रहे है कि इसके साथ ही शहर की बढ़ते आबादी के चलते नया रायगढ़ भी बसाया जाएगा। बहरहाल वित्त मंत्री के प्रयास को फलीभूत करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली हैं। जिसके चलते आने वाले दिनों में राज्य शासन के निर्देश पर एयरपोर्ट के लिए जरूरी कार्य धरातल में नजर आना तय है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मांगी थी 800 एकड़ भूमि, तब से खरीदी पर प्रतिबंध

वर्ष 2013 के आसपास एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रयास प्रारंभ हुए। जब जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट और नया रायगढ़ के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की थी। चारों गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया। लेकिन बाद में एयरपोर्ट अथॉरिटी ने करीब 800 एकड़ की मांग की। इसके बाद प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। अब तक भू-अर्जन नहीं हुआ है लेकिन प्रतिबंध भी बरकरार है। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार इस प्रोजेक्ट को आने वाले दिनों में आगे बढ़ा सकती है।

ऐसे समझे 4 सी कैटेगरी के एयरपोर्ट

4-सी कैटेगरी के एयरपोर्ट के लिए कई तरह के मापदंड तय की गई है। जिसमे रनवे की लंबाई ढाई किमी से भी अधिक होती है और चौड़ाई भी करीब 50 मीटर होनी है। इसे 4-एफ श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह एयरबस ए-380-800 और बोइंग 747-800 जैसे दुनिया के बड़े यात्री विमानों को संभाल सकता है, राष्ट्रीय हवाई अड्डा होने पर यह अपने पहले चरण में प्रति वर्ष 1.5 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। 4 किलोमीटर लंबे दोहरे रनवे से सुसज्जित है और लंबी दूरी की उड़ानों और सभी प्रकार के विमानों को समायोजित कर सकता है।

इन चार गांवों की 600 एकड़ जमीन

एयरपोर्ट निर्माण के लिए पुसौर तहसील के चार गांव कोंड़ातराई में 184 किसानों की 64 हेक्टेयर, औरदा में 75 किसानों की 29 हेक्टेयर, बेलपाली में 44 किसानों की 48 हेक्टेयर और जकेला 132 किसानों की 86 हेक्टेयर जमीन चयन की जा चुकी है। हवाई पट्टी की 23 एकड़ और चार गांवों की 569 एकड़ जमीन ली जानी है।

वर्जन

पूर्व में पारित चार गांव से भूमि अधिग्रहित किया जाएगा। पूरी पारदर्शिता के साथ भू अर्जन का कार्य किया जाएगा। उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश पर कार्य किया जा रहा हैं।
आराधना पटेल, तहसीलदार पुसौर

वर्जन

एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाना है। यह पुराने रिकार्ड के आधार पर होगी। मोबाइल एप लांच की जाएगी, इसके आधार पर भूमि अधिग्रहित किया जाएगा, ताकि पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ कार्य हो सके। इस एप में कई तरह के फीचर्स भी होंगे।
महेश शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी रायगढ़

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