Sunday, April 19, 2026
Google search engine
HomeBlogबेटियों को सुरक्षा का एहसास कराती है 'अक्षिता'

बेटियों को सुरक्षा का एहसास कराती है ‘अक्षिता’

बेटियों को सुरक्षा का एहसास कराती है ‘अक्षिता’

रायगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो में है स्थापित, आरपीएफ जीआरपी नियमित करती है जांच
रायगढ़।
कमाऊपूत जोन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद है। यह कहने की बात नहीं बल्कि, स्टेशन में प्रवेश करते ही इसका एहसास हो जाएगा। जी हां हम बात कर रहे ‘अक्षिता’ की। जिसे महिला प्रतीक्षा स्थल नाम भी दिया गया है। चारों ओर से घिरे इस बैठक स्थल को केवल इसलिए बनाया गया है, ताकि अकेली यात्रा कर रहीं युवती व अन्य महिलाओं को प्लेटफार्म की भीड़ या चबूतरे में बैठकर ट्रेन का इंतजार न करना पड़े। उन्हें सुरक्षित स्थान की सौगात रायगढ़ प्लेटफार्म नंबर दो में कुछ माह पहले दी गई है।

रेलवे महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बेहद सजग है। अकेली सफर करनी वाली महिलाओं की सुरक्षा पर खास जोर दिया जा रहा है। ट्रेनों में महिला कोच, आरपीएफ की मेरी सहेली योजना या फिर महिला एसी यात्री प्रतीक्षालय आदि सुविधाएं शामिल हैं। यह सभी सुरक्षा अंतर्गत व्यवस्थाएं हैं। इसी कड़ी में रेलवे ने एक कदम और बढ़ाया है। इस योजना को वैसे तो अक्षिता का नाम दिया गया है। लेकिन उद्देश्य अकेली महिला यात्री को सुरक्षित माहौल का एहसास कराना है। इसी के तहत ही प्लेटफार्म में चारों ओर से घिरा एक सुरक्षित स्थान बनाया बना गया है, जहां केवल महिला यात्रियों को प्रवेश की अनुमति है। इस पर किसी तरह शुल्क भी नहीं है। इसुरक्षित जगह पर कुर्सियों के अलावा पंखे, मोबाइल चार्जिंग, सीसीटीवी की निगरानी और रेलवे के हेल्पलाइन नंबर भी डिस्प्ले भी हो रहे हैं। इसका निर्माण प्लेटफार्म के उस स्थान पर किया गया है, जहां से आरपीएफ, जीआरपी, की सीधी नजर रह सके।
ताकि आवश्यकता पड़ने पर सुविधाओं के साथ सुरक्षा की मदद भी ले सकें। रेलवे के दोनों सुरक्षा विभाग को निर्देश हैं कि शिकायत आने का इंतजार न करें। यहां पहुंचकर नियमित जांच करें। ताकि महिला सुरक्षा का एहसास अक्षिता से कर सके।रायगढ़ रेलवे स्टेशन के दो नंबर प्लेटफार्म में यह नजर भी आ रहा है।

गुलाबी घेरे में 40 सुरक्षित सीट

अक्षिता के निर्माण से पहले योजना के अनुरूप सर्व का स्थल का चयन किया गया। इसके बाद निर्माण की शुरुआत हुई। यह दिखने में आकर्षक नजर आता है। इसके अलावा ऊपर से खुला हुआ भी है। सुरक्षा के लिए चारों तरफ से ग्लास का घेरा लगाया गया है। इसमें गुलाबी पट्टी और यह सूचना चस्पा है कि यह केवल महिलाओं की सुविधा के लिए है। रायगढ़ स्टेशन में बनाये गए अक्षिता में 40 सीट है। जबकि रेल मंडल के जिन तीन अन्य स्टेशनों में इसकी सुविधा है, उसमें बिलासपुर में 40 और अनूपपुर में 38 सीटें हैं।

चांपा में भी सुविधाएं, जरूरत पड़ने पर और बढ़ेगी

रेलवे स्टेशनों में सुरक्षित प्रतीक्षा स्थल की यह सुविधा अकेले रायगढ़ बिलासपुर रेलवे स्टेशन में नहीं है। बल्कि बिलासपुर रेल मंडल अनूपपुर में भी सुरक्षित स्थल की
अक्षिता से बनाया गया है। यह योजना चांपा में भी है। दरअसल चांपा से कनेक्टिविटी ट्रेन यात्रियों द्वारा गंतव्य के लिए प्रतीक्षा करते है।

अन्य प्रमुख स्टेशन भी सूची में

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की बात करें तो यहां तीन रेल मंडल बिलासपुर, रायपुर व नागपुर है। अक्षिता की सुविधा सभी रेल मंडल के कुछ प्रमुख स्टेशनों में दी गई है। बिलासपुर में केवल तीन स्टेशन में यह सुविधा है। लेकिन रेल प्रशासन की योजना अन्य स्टेशनों में इस सुविधा की शुरुआत करने की है। इसके लिए प्रयास भी जारी है। जिसमें डाउन दिशा ओड़िसा के कुछ स्टेशन का प्रस्ताव बनाया गया है।

spot_img
spot_img

JANKARM DAILY EPAPER

Recent Artical