सप्तमी से पंडालों में विराजेंगी मां दुर्गा, भक्ति और आराधना से गूंजेगा शहर
आकर्षक साज-सज्जा के साथ सज रहे दुर्गा पंडाल, पूजा-अर्चना, आरती और भोग-प्रसाद के बीच भक्तिमय होगा माहौल
रायगढ़। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना को लेकर शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल है। सप्तमी से विभिन्न पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजमान होंगी। इसके साथ ही पूजा-अर्चना, आरती और भोग-प्रसाद के बीच शहर का वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। मां के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु पंडालों में पहुंचेंगे। इसे लेकर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में दुर्गा पंडालों को आकर्षक रूप देने की तैयारी की जा रही है। कहीं भव्य साज-सज्जा पर जोर है तो कहीं आकर्षक रोशनी से मां का दरबार सजाया जा रहा है।
दुर्गोत्सव केवल प्रतिमा स्थापना और सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आस्था, साधना और शक्ति की उपासना का पर्व भी है। नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा के साथ श्रद्धालु सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए मां के चरणों में शीश नवाएंगे। पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार, आरती और भक्ति गीतों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठेगा। श्रद्धालु मां को पुष्प अर्पित कर सुख-शांति और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
सप्तमी से शुरू होने वाला दुर्गोत्सव का उल्लास आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। पंडालों में मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ शहर में उत्सवी रौनक दिखाई देगी। आस्था और भक्ति के इस पर्व में मां दुर्गा की उपासना के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।
सत्तीगुड़ी चौक में 1989 से मां की आराधना, रोशनी से सजेगा दरबार
कोतरारोड सत्ती गुड़ी चौक नवोदित दुर्गा उत्सव समिति वर्ष 1989 से मां दुर्गा की भक्ति और आराधना में जुटी है। समिति के सदस्य विकास ठेठवार ने बताया कि मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की तैयारियां दो महीने पहले से ही शुरू कर दी गई थीं। पंडाल का स्वरूप सामान्य रखा गया है, लेकिन अंदर और बाहर आकर्षक रोशनी की सजावट की जा रही है, ताकि मां का दरबार भव्य नजर आए। सप्तमी से अलग-अलग समय पर मां को भोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। प्रतिमा विसर्जन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।
पंजरी प्लांट में 2004 से मां आदिशक्ति की आराधना
पंजरी प्लांट चौराहे पर वर्ष 2004 से लगातार मां आदिशक्ति दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। समिति के पदाधिकारी राकेश तालुकदार ने बताया कि हर वर्ष अलग-अलग थीम पर पंडाल तैयार किया जाता है। इस वर्ष भी आकर्षक थीम पर पंडाल बनाया जा रहा है, जिसमें मां दुर्गा की लगभग साढ़े पांच फीट ऊंची प्रतिमा विराजमान होगी। यहां बंगाली समाज द्वारा बंगाली रीति-रिवाजों के अनुसार भी पूजा-अर्चना की जाती है। मां की आराधना, पारंपरिक पूजा पद्धति और भक्तिमय वातावरण के बीच यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड चौक में सजेगा मां का भव्य दरबार
केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड चौक स्थित सामुदायिक भवन में हर वर्ष की तरह इस बार भी विशाल दुर्गा पंडाल तैयार किया जा रहा है। पंडाल को कोलकाता के कुशल कारीगर विभिन्न कलाकृतियों से सजा रहे हैं। समिति के सदस्य खुली सारथी ने बताया कि पंडाल का मूल स्वरूप सामान्य रखा गया है, लेकिन इसकी साज-सज्जा महानगरों की तर्ज पर आकर्षक बनाई जा रही है। मां दुर्गा का दरबार श्रद्धा और आस्था का केंद्र होता है। समिति का प्रयास है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी सजावट में कुछ नया और विशेष देखने को मिले, ताकि मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भव्यता के साथ भक्तिमय वातावरण का अनुभव हो।
कबीर चौक में 36 वर्षों से सप्तमी पर स्थापित हो रही मां दुर्गा की प्रतिमा
शहर के दूसरे छोर पर स्थित जूटमिल क्षेत्र का कबीर चौक दुर्गोत्सव के प्रमुख पंडालों में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां नवयुवक संघ द्वारा पिछले 36 वर्षों से मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। समिति के सदस्यों ने बताया कि यहां सप्तमी के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इससे पहले षष्ठी के दिन कलश यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष पंडाल एक भव्य आकृतियों के साथ तैयार किया जा रहा है, जो दुर्गोत्सव के दौरान आकर्षण का केंद्र रहेगा।




