बिजली की आंख मिचौली व लो वोल्टेज से त्रस्त आधा दर्जन गांव , आम जन जीवन प्रभावित, फसलों को मिल नहीं रहा पानी

लोड़ाझर सब -स्टेशन का हाल बेहाल , ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
रायगढ़ ।लोढ़ाझर विद्युत सबस्टेशन के अंतर्गत आने वाले आधा दर्जन गांवो के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की लचर व्यवस्था आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। क्षेत्र में पिछले लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या से क्षेत्रवासी परेशान व आक्रोशित हैं।उनका कहना है कि क्षेत्र में बिजली की आंख मिचौली एक मजाक बनकर रह गई है, हर 15 से 20 मिनट के भीतर बिजली की आंख-मिचौली का खेल चल रहा है।
जनजीवन हुआ ठप्प
बिजली विभाग की इस घोर लापरवाही का सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। लगातार होने वाली अघोषित कटौती और वोल्टेज की कमी के कारण जहां बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित रही है वहीं पेयजल की भी समस्या उत्पन्न हो रही है, रात में मच्छरों से डेंगू व मलेरिया का खतरा मंडराने लगा है
खेती पर असर:
ग्रामीण इलाकों में किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है,धान की फसल पकने के कगार पर है ऐसी स्थिति में अगर खेतों को पानी नहीं मिला तो धान को पकने में मुश्किल होगी तो फसल बर्बाद हो सकता है कृषकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है
अधिकारी कर रहे बहानेबाजी
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि समस्या के लिए जब भी सबस्टेशन में संपर्क करने या जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाने का प्रयास किया जाता है, तो या तो फोन नहीं उठाया जाता, या फिर तकनीकी खराबी, जंपर उड़ने अथवा मुख्य लाइन से ब्रेकडाउन होने का रटा-रटाया बहाना बना दिया जाता है। विभाग के पास समस्या का कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस गंभीर समस्या को लेकर अब क्षेत्रवासियों का धैर्य जवाब दे रहा है। आक्रोशित नागरिकों और ग्रामीणों ने साफ शब्दों में बिजली विभाग को कड़ा संदेश दिया है कि यदि बार-बार बिजली गुल होने और लो-वोल्टेज की समस्या का तत्काल स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर बिजली दफ्तर का घेराव करने और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने और लोढ़ाझर सबस्टेशन की व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।




