डायल 112 के चालक और सिपाही पर झूठे मामले में फसाने का लगाया आरोप, पुलिस कप्तान से लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच की रखी मांग
रायगढ़/ जिले में जहां नए पुलिस कप्तान के आते ही लगातार अवैध धंधों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही देखने को मिल रही है।वही छाल थाना क्षेत्र से अब पुलिस द्वारा झूठे आरोप में फसाने की लिखित शिकायत भी पुलिस अधीक्षक के नाम सौंपी गई है।जिसमें आवेदक द्वारा झूठे अवैध शराब बिक्री के मामले में फसाने का आरोप लगाते हुए पुलिस कप्तान से जांच की मांग रखी गई है।साथ ही दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही का निवेदन भी किया गया है।
क्या है मामला
गौरतलब हो कि इस पूरे मामले में निवासी बांसाझार रमेश कुमार बघेल ने पुलिस अधीक्षक के नाम सौंपे गए ज्ञापन में डायल 112 के चालक और उसमें मौजूद एक सिपाही पर आरोप मढ़ते हुए बताया है कि गुरुवार को डेढ़ बजे करीब वह छाल स्थित गढ़इन बहली के शराब दुकान से 12 पाव शराब खरीदी कर घर के लिए निकला था।जहां उसे डायल 112 के चालक एवं उसमें मौजूद सिपाही द्वारा रोकते हुए थाने ले जाया गया।जहां मेरे द्वारा घर में कार्य चलने की वजह से शराब ले जाना कारण में बताया गया।बावजूद इसके उनके द्वारा छाल स्थित रावण मैदान ले जाकर अवैध शराब बिक्री का आरोप लगा वीडियो बनाया गया।आवेदक ने आवेदन में बताया कि यदि उक्त शराब दुकान से छाल थाना तक मौजूद सी सी टीवी कैमरों की जांच हो तो वास्तविकता सामने आ जाएगी।
कही नंबर बढ़ाने का तो नहीं फेर
वर्तमान में नए पुलिस कप्तान के आने से मानो जिले में अराजक तत्वों और अवैध गतिविधियों पर मानो कार्यवाही की बाढ़ आ चुकी है। जहां जिले के लगभग सभी थानों से प्रकरण सामने आ रहे है। ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता का सी सी टीवी जांच किए जाने के दावा में कितनी सच्चाई है।यह तो जांच उपरांत ही सामने आ सकेगा।हालांकि हर मामले में सी सी टीवी फुटेज की सहायता लेने वाला पुलिस महकमा खुद के नुमाइंदे पर लगे आरोपों की सच्चाई जानने इसका सहारा लेता है अथवा नहीं यह तो भविष्य के गर्भ में है।परन्तु वर्तमान में हो रही कार्यवाही के मद्देनजर इस मामले में भी चाहे वह शिकायतकर्ता हो या फिर आवेदन में दोषी ठहराए गए कर्मचारियों को लेकर भी निष्पक्ष जांच होकर दोषियों पर कार्यवाही होनी जरूरी है।ताकि पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बरकर रह सके।




