छत्तीसगढ़ के पच्चास हजार से भी ज्यादा आंगनबाड़ी केन्द्रो मे दिनांक 26 एवं 27 फरवरी को एक बार फिर से लटकने जा रहा है ताला.
महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी काम होगे ढप्प
आइसीडीएस के स्थापना को हुये पच्चास वर्ष इन लम्बे अतराल से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ को केन्द्र सरकार द्वारा सहायिका को महज ही रू 2250 और कार्यकर्ता को रू 4500 ही मानदेय दिया जा रहा .इसके अलावा केन्द्र सरकार से ना कोई पेशन.है ना ग्रेज्युवेटी.ना समूह बीमा.बेटी या बेटा की शादी हो .स्वयं की लम्बी बिमारी हो या फिर परिवार के किसी सदस्य बीमार है और यदि उसका देखभाल करनी है तो कोई अवकास सुविधा नही.मानदेय कटवाकर पारिवारिक दायित्वो का निर्वहन किया जाता है.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ की नियुक्ति आंगनबाड़ी केन्द्रो और महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यो के सम्पादन के लिये किया जाता है लेकिन वर्मान मे इनसे लगभग सभी विभागो का काम लिया जाता है सभाओ मे भीड़ बढ़ाने के लिये भी बुलाया जाता है.काम के बोझ और अफसरो के गुलामी भरी जिन्दगी से त्रस्त होकर छत्तीसगढ़ के एक लाख से भी अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाये एक बार फिर से लाम बंद होकर सड़क पर उतरने की तैय्यारी कर ली गई है.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ के विभिन्न संगठनो का संयुक्त मंच के पदाधिकारियो का कहना है कि जब हमसे काम लेना रहता है तो शासकीय कर्मचारियो से ज्यादा जिम्मेदार हमको सरकार मानती है आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को एक बहुद्देशिय कार्यकर्ता बना दिया गया है निवेदन यंत्रण भी हमारे ऊपर सभी विभाग के अधिकारियो का थोप दिया गया है.हम इंसान है एक समय मे कितना काम करें जिसका काम नही होता है वही आंख दिखाता है और कार्यवाही की अनुसंशा कर देता है.हमारे विभागीय अधिकारी भी हमे सपोट नही करते.बात बात मे मानदेय काटना.नौकरी से निकालने की धमकिया दी जाती है .और इन सबकी आवाज उठाई जाती है तो सिधे नौकरी से हटाने की कार्यवाही किया जाता है।
कुछ वर्ष पूर्व 2023 मे काग्रेसी कार्यकाल मे अपने हक और आवाज को संघर्ष का नेतृत्व करने वाले संघ पदाधिकारी प्रान्तीय सचिव श्रीमती सुमन यादव आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रामकुण्ड रायपुर को गलत और कुटरचित आरोप लगाकर एकतरफा कार्यवाही करते हुये सेवा से पृथक किया गया है और आज उसे दो वर्ष से भी अधिक हो गया अपील मे भी न्याय मिला है .इसी तरह एक वर्ष पहले सं पदाधिकारी कल्पना चंद को भी सेवा से बर्खास्त किया गया है प्रकरण अपील मे है लेकिन सुनुवाई लम्बित है.
इन्ही सभी बातो के कारण प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ मे काफी आक्रोस ब्याप्त है और लाम ब़द होकर सड़क पर उतरने की तैय्यारी की जा रही है सरकार को भी 12/2/2026 को अवगत कराया जा चुका है.समय रहते मांगे पूरी नही होने पर संयुक्त मंच द्वारा दो चरण मे संघर्ष का शंख नाद कर दिया गया है।
प्रथम चरण मे दिनांक 26 एवं 27 को सभी 33 जिला मुख्यालयो कामबंद हड़ताल धरना रैली प्रदर्शन कर कलेक्टर के माध्यम से मान.प्रधान मंत्री जी और मान.मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौपा जायेगा.इसके बाद भी म़ागे पूरी नही हुई तो दिनांक 9 मार्च को राजधानी रायपुर मे विशाल प्रान्तीय धरना रैली और विधान सभा का घेराव करने का निर्णय लिया गया है
सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ से अपील किया गया है उक्त सभी संघर्ष को सफल करें अपनी एकजुटता का परिचय दे।
देवेन्द्र कुमार पटेल
संस्थापक एवं प्रान्तीय संयोजक
छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ 409




