Saturday, February 14, 2026
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15 दिनों में 9 हैंड पंप और 15 सबमर्सिबल पंप हुए खराब, नए पंपों का निगम में टोटा, आम जनता मांगे जवाब

15 दिनों में 9 हैंड पंप और 15 सबमर्सिबल पंप हुए खराब, नए पंपों का निगम में टोटा,आमजनता मांगे जवाब

रायगढ़/ शहर में मौजूद पेयजल की सप्लाई अमृत मिशन क्रियान्वयन के बावजूद भी सबमर्सिबल पंपों के भरोसे ही चल रहे है।परन्तु वर्षों तक उपयोग होने से इन पंपों की हालत खराब हो चुकी है।नतीजन लगातार इनके जलने अथवा पंप खराब होने की शिकायतें सामने आ रही है।जल विभाग के आंकड़ों की माने तो फरवरी महीने के 15 दिनों में ही 15 बोर पंपों के खराब होने की शिकायतें विभाग के समक्ष आ चुकी है।वही नए सबमर्सिबल स्पेयर में मौजूद न होने के कारण इनमें सुधार कर ही वर्षों से काम चलाया जा रहा है। वहीं बिगड़े पंपों के सुधार में कम से कम दो से तीन दिनों का समय लगता है।ऐसी स्थिति में में सबमर्सिबल के सहारे ही होने वाली पेयजल आपूर्ति का अंदाजा लगाना सहज हो जाता है कि संबंधित वार्ड के लोगों को कितनी परेशानी झेलनी पड़ रही होगी।

पुराने पंपों को बदलने की नहीं व्यवस्था

गौरतलब हो कि शहर में लगभग 400 से अधिक सबमर्सिबल पंपों और 396 हैंड पंपों के माध्यम से 48 वार्डो में जलापूर्ति की जाती है।परन्तु लंबे समय से इस्तेमाल होने की वजह से इनमें अक्सर खराबी की शिकायतें सामने आते रहती है।हालांकि वर्तमान में गर्मी अपनी प्रचंड वेज से दूर है।परन्तु उसकी आहत के साथ ही शहर में लगे बोर एवं हैंड पंपों पर इसका असर देखने शुरू हो गया है।बीते 15 दिनों में ही जहां 15 पंपों के जलने की शिकायत मिली है।तो वही 9 हैंड पंप भी इस अवधि में खराब हुए है।मिली जानकारी के अनुसार अब तलक वार्ड क्रमांक 17,33, 39,40 सहित निगम कार्यालय में लगे बोर पंप के जलने की शिकायत सामने आ चुकी है।बताना लाजमी होगा कि जहां जलस्तर घटने से संबंधित पंप में खराब पानी आने की वजह से वाइंडिंग, एम्लेरर ,और इसमें लगे पंखे के खराब होने की शिकायत आने लगती है।वही एक पंप को उसकी स्थिति के अनुसार सात से आठ मर्तबे सुधार कर बनाया जा सकता है।परन्तु इस अवधि के बावजूद भी शहर में लगे सैकड़ों सबमर्सिबल पंप महज सुधार के भरोसे ही चल रहे है।जिनके कभी भी खराब होने की संभावना बनी रहती है।

स्पेयर में नहीं है नए सबमर्सिबल पंप

वार्डो में इन पंपों के खराब होने की स्थिति में दो से तीन दिन का समय इनकी मशीनों में सुधार करने में लगा जाता है।इसका कारण जल विभाग की मशीनों के सुधार कार्य का काम ठेके पर चलना है।जहां संबंधित ठेकेदार द्वारा सुधार किए जाने के बाद ही निगम के जल विभाग द्वारा उसकी फिटिंग की जाती है।परन्तु इस अवधि में आमजन को होने वाली पेयजल की दिक्कत को लेकर किसी भी लिहाज से अमृत मिशन योजना नाकाफी ही साबित हो रही है।हालांकि अगामी गर्मी के दिनों में होने वाली परेशानी के मद्देनजर जल विभाग द्वारा निगमायुक्त को पत्र लिख 25 सबमर्सिबल पंप मंगाए जाने का अनुरोध तो किया गया है।परन्तु अब तलक इस संबंध में कोई ठोस पहल होते दिखाई नहीं पड़ती।बहरहाल देखना लाजमी होगा कि क्या गर्मियों में निगम की पेयजल व्यवस्था लापरवाही की वजह से ठप हो जाएगी।या फिर निगम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था कर शहरवासियों को इस समय से निजात दिलाने सफल रहेगा।

वर्शन/ फरवरी माह में अब तक लगभग 15 बोर पंपों के खराब होने की शिकायत मिल चुकी है। वर्तमान में नई पंप मशीन उपलब्ध नहीं है।इसके लिए लगभग 25 नए पंपों को उपलब्ध कराने निगमायुक्त से कहा गया है।

अमित राव
जल विभाग प्रभारी
नगर निगम

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