चलने लगी ठंडी हवाएं,बढ़ने लगीं ठंड, गर्म कपड़ों की भी बढ़ी डिमांड, स्वास्थ्य पर विपरीत असर,
निगम द्वारा अब तक नही हो पाई अलाव की व्यवस्था
रायगढ़। जिले में ठंडी हवाएं चलने लगी है। इसका असर तापमान में पड़ रहा है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं आने वाले दो दिनों के भीतर और ठंड बढ़ने का अनुमान लगाया है। इससे लोगों से ठंड से बचने के लिए कहा गया है।
गौरतलब है कि बीते शनिवार और रविवार की रात से ही हल्की ठंडी हवाएं चली। इसके बाद से ठंडी ने लगातार धीरे धीरे पारा कम करते हुए जिले में ठिठुरन बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने दिन के तापमान में एक डिग्री गिरावट दर्ज की गई। वहीं मौसम शुष्क रहने से दो दिनों के भीतर तापमान में और गिरावट के साथ हीठंड बढ़ने का अनुमान लगाया है। मोबाइल में दर्ज मौसम एप के रिकार्ड अनुसार दिन में बुधवार को अधिकतम 27 डिग्री तथा न्यूनतम देर शम 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है, जो अधिकतम पारा सामान्य से 3.9 डिग्री सेल्सियस और न्यनूतम पारा 3.1 डिग्री सेल्सियस कम है। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लोग रात के साथ ही अब दिन में भी सर्द हवाओं से बचने के लिए गर्म कपड़े का सहारा ले रहे हैं। वहीं चिकित्सक भी लोगों को बाहर से पहले ठंड से बचने के लिए उपाए करने की सलाह दे रहे हैं। खासकर रात के समय जरूरी कार्य होने पर बच्चे और बुजुर्गों को स्वेटर, कंटोप, ग्लब्स सहित अन्य गर्म कपड़े से चेहरे और कान को ढंकने के लिए कहा जा रहा है।
नही हो पाई अलाव की व्यवस्था

शहरी क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई है, लेकिन नगर निगम की ओर अलाव उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। इससे केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड, टीपी नगर, रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल, रामनिवास टाकीज चौक, सतीगुड़ी चौक, मेडिकल कालेज व अन्य स्थानों पर जहां यात्री व भारी वाहन चालक आवाजाही कर रहे हैं उन्हें ठंड से जद्दोजहद करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य पर विपरीत असर
ठिठुरन का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। शासकीय व निजी अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतार लग रही है। सबसे अधिक सर्दी, खांसी और जुकाम के अधिकांश मरीज सामने आ रहे हैं।
स्कूलों के समय मे परिवर्तन की उठने लगी मांग
बढते ठंड का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। जिमसे छोटे बच्चों के स्कूलों का समय सुबह 7 से 7:30 वे कुछ स्कूलों में 8 बजे तक है वहां ज्यादा समस्या है। दरअसल बडे स्कूल के बच्चों को स्कूल की बस के लिए तय समय 6 से 7 बजे तक पकड़ना पड़ता है, इसके चलते उन्हें अल सुबह उठना पड़ता है इससे उनके सेहत पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है। यही वजह है कि बच्चों के स्कूल के समय मे परिवर्तन की मांग सोशल मीडिया में उठने लगी है।





