Wednesday, February 18, 2026
Google search engine
HomeBlogप्रशासनिक अमले पर गेजामुड़ा के ग्रामीणों ने तानाशाही का लगाया आरोप

प्रशासनिक अमले पर गेजामुड़ा के ग्रामीणों ने तानाशाही का लगाया आरोप

प्रशासनिक अमले पर गेजामुड़ा के ग्रामीणों ने तानाशाही का लगाया आरोप, अडानी कंपनी की रेल लाईन विस्तार में मुआवजे बिना ही काम कर दिया शुरू

रायगढ़/ जिले के ग्राम गेजामुड़ा में अडानी कंपनी के रेल्वे लाईन विस्तार का लगातार विरोध भी विस्थापितों द्वारा वर्तमान दर में मुआवजे की मांग को लेकर की जा रही है।जिसके लिए अनुविभागीय अधिकारी रायगढ़ द्वारा तीन प्रदर्शनकारियों को नोटिस भी थमाया गया था।वही बीते दो माह से मुआवजे की मांग में बैठे ग्रामीणों के उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला प्रशासन पुलिस बल और कंपनी के अधिकारियों के साथ मशीन लेकर गेजामुड़ा जा पहुंचा।और ग्रामीणों की कम संख्या देख किसानों की जमीन पर काम शुरू कर दिया गया।जब मामले की जानकारी गांव में दशकर्म कार्यक्रम में शामिल अन्य प्रभावित ग्रामीणों को मिली तो वो धरना स्थल पर जा पहुंचे।और अधिकारियों का वीडियो बनाने लगे।जिसके बाद गांव पहुंची तुम वापस लौट गई।

वर्तमान दर में मुआवजे की मांग

गौरतलब हो कि मामला अदानी कंपनी द्वारा प्रस्तावित रेल लाइन निर्माण और उससे जुड़े मुआवजे का है। किसानों का आरोप है कि उन्हें उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।उनका कहना है कि कंपनी द्वारा पूर्व गाइडलाइन के आधार पर मुआवजा तय किया जा रहा है और उसमें भी तीस प्रतिशत की कटौती की जा रही है। जबकि वर्तमान समय में रेल लाइन निर्माण का कार्य किया जा रहा है, ऐसे में किसानों की मांग है कि उन्हें वर्तमान गाइडलाइन और बढ़ी हुई दरों के अनुसार मुआवजा राशि प्रदान की जाए। किसानों का दावा है कि शासन द्वारा पूर्व में मुआवजा दरों में बढ़ोतरी की जा चुकी है, इसके बावजूद पुरानी दरों के आधार पर भुगतान किया जाना अन्यायपूर्ण है।ग्राम गेजमुडा के किसानों ने यह भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि बिना ग्राम पंचायत और ग्राम सभा से एनओसी लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया लागू कर दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके लिए नियमानुसार ग्राम सभा की सहमति आवश्यक है, लेकिन इस प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को दरकिनार कर दिया गया हैं ।किसानों का आरोप है कि कंपनी और प्रशासन की मिलीभगत से यह कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।

लाव लश्कर के साथ पहुंचा प्रशासनिक अमला

मंगलवार को स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब किसानों के अनुसार प्रशासनिक अमला और कंपनी के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन से खेतों की मेड़ों की खुदाई शुरू कर दी गई। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई जबरन की गई हैं।मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। किसानों ने इसे दबाव की कार्रवाई बताया है।धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें न्यायसंगत और वर्तमान दरों के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

spot_img
spot_img

JANKARM DAILY EPAPER

Recent Artical