बड़े रामपुर पुल बंद, ट्रांसपोर्ट कारोबार पर गहरी मार
यातायात छूट पर रोक के बाद उद्योगों की भी थमी रफ्तार, स्थानीय वाहन मालिक बेरोजगार
रायगढ़/ बड़े रामपुर स्थित पुल के लंबे समय से बंद रहने से क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट कारोबार पर गहरा असर पड़ रहा है। पहले से ही आवागमन में आ रही दिक्कतों के बीच अब यातायात विभाग द्वारा शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश के लिए दी जा रही दो घंटे की छूट पर रोक लगाए जाने से हालात और अधिक बिगड़ गए हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इस फैसले के बाद उनका कामकाज लगभग ठप हो गया है।पुल बंद होने के चलते ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय, ईंधन और परिचालन लागत में भारी इजाफा हो रहा है। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्टरों की आमदनी पर पड़ा है। वहीं उनसे जुड़े ड्राइवर, हेल्पर और अन्य श्रमिकों की रोजी-रोटी पर भी संकट गहराता जा रहा है।
उद्योगों का उत्पादन प्रभावित, कामगारों पर संकट
गौरतलब हो कि पुल निर्माण में सबसे बड़ी बाधा नगर निगम की पाइपलाइन हटाने को लेकर रही है। निगम प्रशासन की उदासीनता के चलते लंबे समय तक यह कार्य नहीं हो सका, जबकि निर्माण के लिए राशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी थी।इसका सीधा असर स्थानीय उद्योगों पर भी देखने को मिल रहा है। पुल बंद होने और परिवहन बाधित होने से क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक उद्योगों में कच्चे माल की नियमित आपूर्ति प्रभावित हुई है। समय पर कच्चा माल नहीं पहुंच पाने से उत्पादन घट रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो उत्पादन बंद होने की नौबत आ सकती है, जिससे हजारों कामगारों के बेरोजगार होने का खतरा बढ़ जाएगा।
वैकल्पिक मार्ग बना नई परेशानी
ट्रांसपोर्टरों की परेशानी को देखते हुए शासन-प्रशासन ने तमनार होकर उद्योगों तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग तो तय किया, लेकिन यह व्यवस्था अब वाहन मालिकों के लिए सिरदर्द बन चुकी है।पुल बंद होने के कारण तमनार मार्ग से आवाजाही में करीब 150 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। साथ ही यह मार्ग कई गांवों से होकर गुजरता है, जिससे समय और जोखिम दोनों बढ़ गए हैं।वाहन मालिकों की माने तो अन्य बड़े शहरों की तरह ही अगर देर रात कुछ समय के लिए शहर मार्ग से भारी वाहनों को परिवहन की छूट दी जाए, तो उन पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है।परन्तु देर रात भी छूट न मिलने की स्थिति में इनका आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
निर्माण से पहले मरम्मत का सहारा
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों द्वारा कई बार शासन-प्रशासन और नगर निगम के समक्ष बड़े रामपुर स्थित जर्जर पुल के निर्माण की मांग उठाई गई, लेकिन पाइपलाइन हटाने के मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाए जाने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।हालांकि, मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल आवागमन को आंशिक रूप से बहाल करने के उद्देश्य से भोपाल की एक कंपनी द्वारा पुल की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, जिसमें अभी कुछ समय लग सकता है। तब तक किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में ट्रांसपोर्टरों और उद्योगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।बड़े रामपुर पुल का बंद रहना अब केवल ट्रांसपोर्ट सेक्टर ही नहीं, बल्कि पूरे औद्योगिक तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर साफ तौर पर दिखाई दे सकता है।
वर्शन… शहर के भीतर लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। केवल शासकीय कार्यों में लगे वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी जा रही है।
वर्शन
उत्तम प्रताप सिंह,
डीएसपी यातायात




