गांव में शराब बंदी को लेकर लामबद्ध हुई महिलाएं, कलेक्टर और एस पी को सौंपा ज्ञापन, अवैध शराब गांजा बिक्री बंद कराने की अपील
रायगढ़/ एक और जहां ग्राम पंचायत को नशा मुक्त बनाने गांव की सरपंच सहित महिला समूह लगातार प्रयास में लगे है।वही एक जनप्रतिनिधि द्वारा ही उनके इस अभियान को रोकने धमकाए जाने का मामला सामने आया है।ग्राम डूमरपाली की महिलाओं ने बताया कि ग्राम पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन कर गांव में पूर्ण शराबबंदी निर्णय लिया गया था।बावजूद इसके गांव में अवैध शराब बिक्री,जुआ और गांजा का वैध व्यापार धड़ल्ले से जारी है।ग्रामीणों द्वारा मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर एस पी से की है।जिसमें बकायदा गांव में अवैध गतिविधियों के लिप्त लोगों के नामों का उल्लेख कर मामले में उचित कार्यवाही की मांग रखी गई है।
नशे के कारोबारियों पर ग्रामसभा में दस हजार का जुर्माना
गौरतलब हो कि बीते 31 जनवरी को ग्राम पंचायत डूमरपाली में ग्राम सभा का आयोजन किया गया।जिसमें गांव में हो रही अवैध शराब,गांजा की बिक्री और जुए से लगातार अप्रिय स्थिति निर्मित हो रही है।जिस पर इसे बंद करने कारगार कदम उठाते हुए आयोजित ग्राम सभा में गांव में अवैध मादक द्रव्यों की बिक्री करने वालो पर दस हजार रुपए जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया।वही लगातार नशे को लेकर महिलाओं का विरोध को देखते हुए गांव के ही एक जनप्रतिनिधि द्वारा महिलाओं में अभियान रोकने दबाव भी बनाए जाने की बात सामने आ रही है।
महिलाओं ने बताया कि गांव में लंबे समय से अवैध नशे का कारोबार चल रहा है।जिसकी वजह से आयदिन गांव में लड़ाई झगड़े झंझट होते रहे है।गाँवके परिवारों को आर्थिक सामाजिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
थाने में नहीं मिला सहयोग,तो पहुंची एस पी कार्यालय
एक बार फिर गांव की महिलाओं को पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक आना पड़ा।इसका कारण थाने में न सुनी जाने वाली फरियाद है।जिसे लेकर पीड़ित बड़े अधिकारी का दरवाजा खटखटाते है।जिले के ग्राम डूमरपाली का भी एक ऐसा ही मामला सामने आया।जहां गांव में हो रही अवैध नशे की बिक्री को लेकर ग्रामीण महिलाओं द्वारा भूपेदवपुर थाना की सहायता तो मांगी गई।बदले में मिली उन्हें एक जनप्रतिनिधि की धमकी और पुलिस थाने की बेरुखी जिस से निराश दर्जनों महिलाओं ने अपनी गुहार पुलिस कप्तान के समक्ष लगाई है।जिसमें ग्राम पंचायत को अवैध नशे से मुक्ति दिलाने आवेदन सौंप गया है।




